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कांग्रेस का नव संकल्प: 50 फीसदी युवाओं की हो भागीदारी, वे ही बढ़ा रहे गहलोत सरकार की टेंशन

राजस्थान में कांग्रेस के युवा नेता जोश ही जोश में सब्र खो रहे हैं.

राजस्थान में कांग्रेस के युवा नेता जोश ही जोश में सब्र खो रहे हैं.

गहलोत सरकार को संकट में डाल रहे कांग्रेस के युवा विधायक: हाल ही में उदयपुर में हुये कांग्रेस के नव संकल्प शिविर में युवाओं की भागीदारी 50 फीसदी करने का प्रस्ताव पास करने वाली पार्टी में युवा नेता (Youth leaders of congress) ही उसे संकट में डाल रहे हैं. राजस्थान में एक के बाद एक युवा कांग्रेस नेता नाराजगी जाहिर कर इस्तीफों की पेशकश कर रहे हैं. इससे गहलोत सरकार (Gehlot Sarkar) के युवा विधायक ही उसके लिये परेशानी का सबब बनने लग गये हैं.

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जयपुर. कांग्रेस (Congress) अब युवाओं को आगे लाना चाहती है. हाल ही में उदयपुर में हुए नव संकल्प शिविर (Nav sankalp shivir) में युवाओं को 50 फीसदी भागीदारी दिए जाने पर मंथन भी हुआ और प्रस्ताव भी पारित हुआ. लेकिन राजस्थान में कांग्रेस के युवा नेता ही सत्ता और संगठन के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं. एक के बाद एक युवा नेताओं की नाराजगी बाहर आ रही है और वो भी सार्वजनिक मंचों पर. वे अपने बयानों के जरिये पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं. पिछले दिनों इस्तीफा भेजकर सुर्खियों में रहने वाले गणेश घोघरा तो खुद यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हैं. जबकि हाल ही में ट्वीट के जरिए बड़ा सियासी बखेड़ा खड़ा करने वाले गहलोत सरकार के खेल मंत्री अशोक चांदना यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रह चुके हैं.

कांग्रेस जिन युवाओं को राजनीति में आगे लाने के लिए उदयपुर के चिंतन शिविर में 50 फीसदी पद देने का फार्मूला लेकर आई थी वह फार्मूला 10 दिन में ही फेल होता दिखाई दे रहा है. राजस्थान के सबसे युवा विधायकों की नाराजगी से सबसे पहले सामने आ रही है. राजस्थान में चुनाव जीत कर आए कई युवा विधायक नाराज हैं. ये विधायक सार्वजनिक तौर पर तो नाराजगी जाहिर कर ही रहे थे. अब तो ये इस्तीफे भी देने लगे हैं. ब्यूरोक्रेसी पर हमला बोलकर ये विधायक सरकार के सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

देखें नाराज विधायकों में से किसकी कितनी उम्र है
कांग्रेस 50 साल के कम उम्र के लोगों को युवा मानती है. अब जरा पिछले दिनों में ब्यूरोक्रेसी से नाराजगी जाहिर करने वाले विधायकों की उम्र देखिए. अशोक चांदना 38 साल के हैं. गणेश घोघरा 38 बरस के हैं. रामलाल मीणा 37, दिव्या मदेरणा 37 और गिर्राज मलिंगा 47 साल के हैं. वहीं 43 साल के एआईसीसी सचिव धीरज गुर्जर ने भी पिछले दिनों प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी को लेकर सवाल उठाए थे. ये सभी गहलोत खेमे के माने जाते हैं.

युवा जोश ही जोश में खो रहे हैं सब्र 
वहीं सचिन पायलट समेत उनके खेमे के विधायकों को भी शामिल किया जाए तो नाराज युवा विधायकों की संख्या और भी ज्यादा हो जाएगी. पायलट खुद 45 साल के हैं. जबकि उनके सहयोगी इन्द्राज गुर्जर की उम्र 39 साल है. वेद सोलंकी की उम्र 46 साल है. मुकेश भाकर की उम्र 34 साल और रामनिवास गावड़िया की उम्र 31 साल है. कांग्रेस समय की जरुरत भांपकर युवाओं को आगे बढ़ाना चाहती है लेकिन युवा जोश ही जोश में जिस तरह सब्र खो रहे हैं. उससे पार्टी की मुश्किलें कम होने की बजाय बढ़ती हुई ही ज्यादा नजर आ रही है.

Tags: Ashok Gehlot Government, Congress politics, Jaipur news, Rajasthan news, Rajasthan Politics

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