कोरोना के कारण बेसहारा हुए परिवारों के लिए व्यापक सामाजिक सुरक्षा नीति बनाने पर विचार: गहलोत

हालांकि अभी इस बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है.

हालांकि अभी इस बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है.

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि कोरोना संक्रमण (Corona infection) के कारण जिन परिवारों के कमाने वाले सदस्य की मौत हो गई है अथवा बच्चे अनाथ हो गए हैं, उन परिवारों के लिए राज्य सरकार एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा नीति बनाने पर भी विचार कर रही है.

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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार कोरोना संक्रमण के कारण बेसहारा हुए परिवारों के लिए व्यापक सामाजिक सुरक्षा नीति बनाने पर विचार कर ही है. गहलोत ने शनिवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी. सरकारी प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि कोरोना संक्रमण (Corona infection) के कारण जिन परिवारों के कमाने वाले सदस्य की मौत हो गई है अथवा बच्चे अनाथ हो गए हैं, उन परिवारों के लिए राज्य सरकार एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा नीति बनाने पर भी विचार कर रही है. राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई. इसमें मंत्रिपरिषद ने राज्य में लॉकडाउन को 24 मई से 15 दिन और बढ़ाने का सुझाव दिया है. हालांकि अभी इस बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है.

वहीं, कल खबर सामने आई थी कि राजस्थान में कोरोना वायरस (Corona Virus) के मामले कम होने लगे हैं तो अब ब्लैक फंगस ने नई परेशानी खड़ी कर दी है. सरकारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक यहां 700 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस (SMS) अस्पताल में 80 से अधिक ब्लैक फंगस (Black Fungus) के मरीजों का इलाज चल रहा है. खास बात यह है कि एसएमएस अस्पताल की ईएनटी (ENT) डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों के ऑपरेशन में जुटी हुई है. ब्लैक फंगस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है.

मरीजों को लेकर विशेष एहतियात बरत रहे हैं

दरअसल, मधुमेह (Diabetes) से पीड़ित कोरोना पॉजिटिव मरीजों को स्टेरोयड देने से उनमें ब्लैक फंगस की शिकायत सामने आ रही है. अब तक राज्य में 700 से अधिक केस रजिस्टर हो चुके हैं. ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए एसएमएस अस्पताल में इसे लेकर नया वार्ड शुरू किया गया है. यहां अभी तक ब्लैक फंगस के 85 मरीज भर्ती हो चुके हैं. मरीजों के भर्ती होने के साथ ही उनके इलाज को लेकर ईएनटी डॉक्टरों की टीम लगातार काम कर रही है. पिछले दो दिन में ही अस्पताल में 45 ऑपरेशन किए गए हैं. गंभीर बात यह है कि पांच-छह मरीजों में यह फंगस ब्रेन तक पहुंच गया है. डॉक्टर ऐसे मरीजों को लेकर विशेष एहतियात बरत रहे हैं.

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