राजस्थान: सख्ती से संक्रमण को काबू करने की कोशिश में सरकार, मंत्री बोले- कोरोना की चेन तोड़ना जरूरी

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री का बयान: प्रोटोकॉल पर कड़ाई और सख्ती से टूटेगी कोरोना संक्रमण की चेन.

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा है प्रदेश भर में चल रहे ‘रेड अलर्ट जनअनुशासन पखवाड़ा‘ से कोरोना संक्रमण के मामलों में कुछ गिरावट दर्ज की जा रही है. यह आमजन द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन और सरकार की सख्ती का नतीजा है.

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जयपुर. चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा है प्रदेश भर में चल रहे ‘रेड अलर्ट जनअनुशासन पखवाड़ा'  से कोरोना संक्रमण के मामलों में कुछ गिरावट दर्ज की जा रही है. यह आमजन द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल की कड़ाई से पालना व सरकार द्वारा की जाने वाले सख्ती का नतीजा है. उन्होंने कहा कि यदि आमजन स्वप्रेरणा से पूर्ण अनुशासित होकर बेवजह घरों से बाहर नहीं निकले. सभी सहयोग करें तो संक्रमण की चेन तोड़ना बेहद आसान हो जाएगा. उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोग सरकार की दी गई छुट का दुरुपयोग कर रहे थे. जिसके बाद सरकार ने ‘रेड अलर्ट जनअनुशासन पखवाड़ा‘ लागू किया है.

उन्होंने कहा कि कड़े फैसले लेना सरकार को सुहाता नहीं है, लेकिन जनता की सुरक्षा के लिए ऐसा करना मजबूरी है. उन्होंने कहा कि संक्रमितों की संख्या में हालांकि बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन सुकून की बात यह भी है कि प्रतिदिन 12-15 हजार लोग पॉजिटिव से नेगेटिव भी होकर घर जा रहे हैं. मृत्यु दर भी 0.7 से 1 है, जो कि नियंत्रित है. यह अन्य राज्यों के मुकाबले कहीं कम है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में होने वाली प्रतिदिन मौतें हालांकि चिंतनीय है लेकिन इसे केवल और अनुशासन से ही रोका जा सकता है.



स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नेतृत्व में विभाग और सरकार पूर्ण सतर्क और सजगता के साथ काम कर रहा है. प्रदेश में पर्याप्त ऑक्सीजन और रेमडेसिविर, टोसिलिजुमैब जैसी दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है.  उन्होंने कहा कि मौजूद संसाधनों के साथ सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है. यदि इसी तरह लोग लापरवाही बरतते रहे और संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी होती रही तो कितने भी संसाधन हो कम पड़ जाएंगे.

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि राजस्थान को मौजूदा जरूरत से करीब 200 मेट्रिक टन ऑक्सीजन कम मिल रही है. उन्होंने कहा कि जो अलॉटमेंट भी हुआ है, वह भी दूर-दराज से हुआ, जिसके आने में काफी समय लग रहा है. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की सप्लाई जल्द से प्रदेश तक पहुंचे इसके लिए सरकार रेल और एयरफोर्स से लगातार संपर्क में है. सरकार द्वारा टैंकरों की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि अलोटेड आक्सीजन प्रदेश को मिल सके. उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट, लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगाने जैसे हर विषय पर युद्ध स्तर पर काम कर रही है. इसके साथ ही चिकित्सा मंत्री ने कहा कि सरकार ऑक्सीजन कंस्टट्रेटर की खरीद के प्रयास कर रही है. कुछ कंस्टट्रेटर 10 मई तक प्रदेश में आ जाएंगे तो कुछ महीने के अंत तक पहुंच पाएंगे.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में जो हमें चुनौतियां मिली है, उसे हम सकारात्मक सोच के साथ आगे की तैयारी कर रहे हैं. रेमडेसिविर, टोसिलीजुमैब जैसे इंजेक्शनों का राज्य में उत्पादन करने, व्यापक स्तर पर ऑक्सीजन उत्पादन की योजना पर सरकार काम कर रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि तीसरी या चौथी लहर भी आ सकती है तो राज्य सरकार इसके लिए पर्याप्त संसाधन जुटाने की पूरी तैयारी कर रही है.