कोरोना काल में CM अशोक गहलोत ने खुद संभाला माेर्चा, संकट में हर वर्ग से किया संवाद

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोज ने कोरोना संकट काल में खुद कमान संभाली और प्रदेश को संकट से निकाल लाये.

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोज ने कोरोना संकट काल में खुद कमान संभाली और प्रदेश को संकट से निकाल लाये.

Rajasthan Corona Update: कोरोना काल में सीएम अशोक गहलोत एक्शन में नजर आ रहे हैं. वह हर रोज कोरोना के हालातों की समीक्षा कर रहे हैं. महत्वपूर्ण निर्णयों के जरिए संक्रमण थामने के प्रयास कर रहे हैं. इस साल करीब 320 वीडियो कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं.

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जयपुर. कोरोना काल में राजस्थान के मुखिया अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं. CM गेहलोत तकरीबन हर रोज कोरोना समीक्षा बैठक कर प्रदेशवासियों को इस संकट से निजात दिलाने का प्रयास कर रहे हैं. गहलोत इस साल में अब तक करीब 320 वीडियो कॉन्फ्रेंस ( Video Conference ) कर चुके हैं. संकट काल में मुख्यमंत्री जिस तरह ताबड़तोड़ समीक्षा बैठकें कर आम लोगों को राहत देने का प्रयास कर रहे हैं वो एक रिकॉर्ड बनता जा रहा है.

खुद कोरोना पॉजीटिव होने के बाद भी गहलोत लगातार सक्रिय रहे और लगातार समीक्षा बैठकों के जरिए हालातों की समीक्षा की. पिछले दो-तीन महीने में संभवत: एक दिन भी ऐसा नहीं गया जिस दिन गहलोत ने कोर ग्रुप से चर्चा कर हालातों की समीक्षा नहीं की हो. सीएम गहलोत इस साल करीब 320 वीडियो कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं. इसके जरिए उन्होंने हर वर्ग से सलाह मशविरा और संवाद कर हालातों को काबू करने का प्रयास किया.

कोरोना के दौरान हर वर्ग से किया संवाद 
CM गहलोत बीते दिनों में राजनीतिक दलों, धर्मगुरुओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, मेडिकल एक्सपर्ट्स और प्रवासी राजस्थानियों के साथ ही पंचायत स्तर तक के जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के साथ संवाद कर चुके हैं. कई बार ओपन ऑनलाइन बैठकों के जरिए आम लोगों तक भी सीएम ने सीधे एक्सपर्ट्स की राय के साथ अपनी बात पहुंचाई है. बीते दो महीने में सीएम गहलोत ने कोरोना को लेकर करीब 100 से भी अधिक बैठकें ली हैं. इनमें आए सुझावों के मद्देनजर आम लोगों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं.

दो महीने से नहीं निकले सीएम 

मुख्यमंत्री पिछले करीब दो महीने से मुख्यमंत्री आवास से बाहर नहीं आए हैं. CMR ही मुख्यमंत्री कार्यालय बना हुआ है. मुख्यमंत्री आवास पर हर रोज बैठकों और वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सीएम पूरी सरकारी मशीनरी को चुस्त दुरुस्त रखे हुए हैं. साथ ही दूसरे सरकारी कामकाज भी सीएमआर से ही सम्पन्न हो रहे हैं. कोरोना की दूसरी लहर में  खतरा ज्यादा है और यही वजह है कि दूसरी लहर के दौरान सीएम गहलोत की सक्रियता भी दोगुनी नजर आ रही है. पिछले साल भी गहलोत ने करीब 200 से ज्यादा समीक्षा बैठकें ली थीं. गहलोत की इसी सक्रियता के चलते पहली लहर में राजस्थान का बेहतर कोरोना मैनजमेंट रहा था और अब दूसरी लहर में भी राजस्थान में संक्रमण काफी हद तक काबू किया जा चुका है.

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