Rajasthan: स्वास्थ्य सचिव का दावा, प्रदेश में नहीं है रेमडेसिविर इंजेक्शन की कोई कमी

मरीजों की बढ़ती संख्या के साथ अब ऑक्सीजन की भी डिमांड बढ़ गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मरीजों की बढ़ती संख्या के साथ अब ऑक्सीजन की भी डिमांड बढ़ गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Corona Cure Management in Rajasthan: राज्य के स्वास्थ्य सचिव सिद्धार्थ महाजन ने दावा किया है कि प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन (emdesivir injection) की कोई कमी नहीं है. सभी जरुरी व्यवस्थायें की जा रही हैं.

  • Share this:
जयपुर. प्रदेश में कोरोना (COVID-19) से भयावह हालातों के बीच राज्य सरकार मरीजों के इलाज के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. बड़े शहरों में डोर-टू-डोर सर्वे करा कर मरीजों को चिन्हित करने का काम शुरू किया जा चुका है. सभी जिलों में कोविड केयर सेन्टर (Covid Care Center) शुरू किए जा रहे हैं. स्वास्थ्य सचिव ने सिद्धार्थ महाजन ने दावा किया है कि प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir injection) की कोई कमी नहीं है. ऑक्सीजन (oxygen) को लेकर भी माकूल व्यवस्थायें की रही है.

प्रदेश में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है. एक दिन में 10 हजार से अधिक मामले आने के बाद से सरकार में हड़कंप मचा हुआ है. अस्पताल कोरोना मरीजों से फुल हो रहे हैं तो अन्य व्यवस्थाएं भी अब नाकाफी साबित होने लगी है. लेकिन राज्य सरकार ने भी कमर कस ली है. मरीजों को दिक्कत ना आए इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं.

जामनगर से 35 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है

मरीजों की बढ़ती संख्या के साथ अब ऑक्सीजन की भी डिमांड बढ़ गई है. स्वास्थ्य सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर की खरीद के लिए सभी जिलों को मंजूरी दे दी गई है. केन्द्र सरकार के साथ भी लगातार चर्चा चल रही है. हाल ही में केन्द्र द्वारा जामनगर से 35 मैट्रिक टन ऑक्सीजन अलॉट की गई है. केन्द्र सरकार को ऑक्सीजन की डिमांड को लेकर अवगत करा दिया गया है. उदयपुर और भीलवाड़ा में ऑक्सीजन की डिमांड को देखते हुए आसपास के जिलों से ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है. राजधानी के जयपुरिया और ईएसआई अस्पताल में पर्याप्त बेड मौजूद हैं.
आरयूएचएस मरीजों से फुल हो चुका है

प्रदेश में जैसे-जैसे मरीजों की संख्या में इजाफा होगा वैसे-वैसे व्यवस्थाएं लगातार कम होती जाएंगी. राजधानी जयपुर में स्थित प्रदेश का सबसे बड़ा कोविड अस्पताल आरयूएचएस मरीजों से फुल हो चुका है. मरीजों के लिए बरामदे में बेड्स लगाए गए हैं. ऐसे में सरकार की तमाम व्यवस्थाएं तब तक ही सुचारू रहेंगी जब आम लोग भी अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज