राजस्थान: नये नवेले कई RAS अधिकारी आते ही जुट रहे हैं भ्रष्टाचार की ताबड़तोड़ बैटिंग करने में, देखिये बानगी

प्रदेश में पिछले 4 वर्षों में करीब 25 RAS ऑफिसर्स को अलग-अलग आरोपों से सस्पेंड किया गया है. इनमें सबसे अधिक रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड किये गये हैं.

Corruption in Rajasthan bureaucracy: राजस्थान में इन दिनों आ रहे नये नवेले कई आरएएस अधिकारी (RAS officer) मलाईदार पोस्टिंग मिलते ही भ्रष्टाचार की ताबड़तोड़ बैटिंग करने में जुट रहे हैं. इसके चलते गत बरसों में प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी पर भ्रष्टाचार के अनगिनत दाग लगे हैं.

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जयपुर. प्रदेश में भले ही सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के सातवां वेतनमान लग गया हो. बाबू से लेकर अधिकारियों की तनख्वाह भारी भरकम हो गई हो, लेकिन 'ऊपर की कमाई' (Corruption) लालच जाने का नाम नहीं ले रहा है. राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के कई नए नवेले अधिकारी नौकरी मिलते ही मोटी कमाई के लालच में फंस रहे हैं.

नई पीढ़ी के कई अधिकारियों की आंखों पर लालच की पट्टी इस कदर बंध रही है कि इनका एक ही टारगेट है कमाई के लिये ताबड़तोड़ भ्रष्टाचार की बैटिंग करना. गत दो बरसों में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जिस तरह भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाइयां की वे इस धारणा की पुष्टि करते हैं. गत 2-3 साल में एसीबी ने राज्य प्रशासनिक सेवा के जिन अधिकारियों को रिश्वत का लेनदेन करते दबोचा है उनकी पोस्टिंग हुए महज दो-तीन साल ही हुए हैं. एसीबी के हत्थे चढ़ने वाले अधिकतर RAS अफसर नए नवेले हैं.

प्रति वर्ष 6 RAS अफसर सस्पेंड हो रहे हैं
प्रदेश में पिछले 4 वर्षों में करीब 25 RAS ऑफिसर्स को अलग-अलग आरोपों से सस्पेंड किया गया है. इनमें अधिकतर पर रिश्वत लेने के आरोप हैं. राज्य में औसतन प्रति वर्ष 6 RAS अफसर सस्पेंड हो रहे हैं. इनमें सबसे अधिक रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड हो रहे हैं. चौंकाने वाला तथ्य यह है कि सबसे अधिक नई भर्ती के अफसर प्रदेश की बदनामी करा रहे हैं. मौजूदा साल में तीन RAS अफसर सस्पेंड हुए हैं. उनकी नौकरी को अभी दो-तीन साल हुए हैं. लेकिन मलाईदार पोस्ट मिलते ही उन्होंने कमाई का खेल शुरू कर दिया. परिणाम सरकार ने भी एक्शन लिया और वे सस्पेंड हुए.

नए नए अफसरों रिश्वत के खेल की ये है बानगी
- पिंकी मीणा 2017 बैच- 13 जनवरी 2021 को एसीबी ने हाइवे निर्माण में 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था. जेल गईं. जमानत पर बाहर तो आ गईं लेकिन निलंबन अभी बरकरार है.
- सुनील कुमार 2019 बैच- 30 मार्च 2021 को एसडीएम गुड़ामालानी (बाड़मेर) रहते हुए रिश्वत मामले में एसीबी ने गिरफ्तार किया था. राज्य सरकार ने 16 मार्च 2021 को सस्पेंड कर दिया. तब से निलंबित ही चल रहे हैं.
- सुनील कुमार झिंगोनिया 2019 बैच- 14 जून को एसडीएम लसाड़िया (अजमेर) रहते हुये 50 हजार मासिक बंधी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. फिर सरकार ने निलंबित कर दिया.

नहीं मिल रही अच्छी ट्रेनिंग
अधिकारियों की नई फसल का ज्वॉइन करते ही रिश्वत और लापरवाही के आरोपों में घिरना उनकी अच्छी ट्रेनिंग का अभाव और सीनियर्स की मॉनिटरिंग की कमी की ओर इशारा करती है. प्रशासनिक पदों के कार्यों को सीखने के दौर में अधिकारियों की आंखों पर लालच की पट्टी बंधती जा रही है.

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