PHED में भ्रष्टाचार: 5 हजार मीटर खरीदे, 56,000 की रिपोर्ट दी, अधिशाषी अभियंता निलंबित

फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
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भ्रष्टाचार में प्रदेश के कई अधिकारी नित नए रिकॉर्ड कायम कर रहे हैं. विभाग में एक अधिशाषी अधिकारी ने बड़े पैमाने पर अनियमिताएं करते हुए पांच हजार मीटर जांच के मुकाबले 56 हजार मीटर के निरीक्षण की फर्जी रिपोर्ट पेश कर दी.

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भ्रष्टाचार में प्रदेश के कई अधिकारी नित नए रिकॉर्ड कायम कर रहे हैं. हाल ही में एसीबी के शिकंजे में फंसे आईआरएस डॉ. सहीराम मीणा की कारगुजारियों के चर्चें अभी थमे ही नहीं थे कि उससे पहले ही जलदाय विभाग की अमृत जल योजना में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है.

विभाग में एक अधिशाषी अधिकारी ने बड़े पैमाने पर अनियमिताएं करते हुए पांच हजार मीटर जांच के मुकाबले 56 हजार मीटर के निरीक्षण की फर्जी रिपोर्ट पेश कर दी. इसका खुलासा होने पर जलदाय विभाग ने कोटा के अधिशाषी अभियंता अरविंद खींची को निलंबित कर दिया है.

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जानकारी के अनुसार अधिशाषी अभियंता अरविंद खींची ने अमृत जल योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की हैं. आरोपी अधिकारी ने योजना में 56,000 मीटरों के निरीक्षण की रिपोर्ट विभाग को सौंप दी, जबकि वास्तविकता में इस योजना में अभी तक सिर्फ 5000 मीटर ही खरीदे गए हैं. आरोपी अधिशाषी अभियंता ने इस योजना में सिर्फ 5000 मीटर खरीदे, लेकिन संबंधित फर्म को नियम विरूद्ध 20,600 मीटरों का 6.30 करोड़ रुपए का एडवांस भुगतान कर डाला.
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दो-तीन दिन पहले अधीक्षण अभियंता के साथ हाथापाई भी की थी
मामले में भ्रष्टाचार की 'बू' आने आने पर विभाग के मुख्यालय ने इसकी जांच करवाई तो अधिशाषी अभियंता अरविंद खींची को दोषी पाया गया है. इस पर विभाग ने भ्रष्टाचार के इस मामले में अरविंद खींची को निलंबित कर दिया है. आरोपी अधिशाषी अभियंता ने कोटा PHED कार्यालय में इसी मामले को लेकर दो-तीन दिन पहले अधीक्षण अभियंता के साथ हाथापाई भी की थी.

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