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Rajasthan: कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी का काउंट डाउन शुरू, 40 नेताओं को मिलेगी जगह

फिलहाल प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अकेले ही संगठन की कमान संभाले हुये हैं.
फिलहाल प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अकेले ही संगठन की कमान संभाले हुये हैं.

कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी (State executive) की जल्द ही घोषणा होने वाली है. पहले फेज में केवल 40 नेताओं को इसमें जगह दी जायेगी. इसके जातीय और क्षेत्रीय संतुलन (Ethnic and regional balance) साधने की कोशिश की जा रही है.

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जयपुर. लंबे समय राजस्थान प्रदेश कांग्रेस (Congress) संगठन में जगह पाने के इच्छुक नेताओं के लिये खुशखबरी है. कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी का काउंट डाउन (Countdown ) शुरू हो गया है. पहले फेज में छोटी कार्यकारिणी की घोषणा होगी. इस पहले फेज में करीब 40 नेताओं को पदाधिकारी बनाया जा सकता है. प्रदेश कार्यकारिणी में सभी खेमों के नेताओं को जगह मिलने के आसार जताये जा रहे हैं.

इसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कवायद की जा रही है. 14 जुलाई से ही कांग्रेस में कार्यकारिणी नहीं है. प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अकेले ही संगठन की कमान संभाले हुये हैं. प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर प्रदेश प्रभारी अजय माकन सीएम अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ डोटासरा तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ लंबी चर्चा कर चुके हैं.

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आज दिल्ली में होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस


हालांकि कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा आज होने के आसार नहीं हैं. 31 दिसंबर के आसपास कार्यकारिणी की घोषणा हो सकती है. आज दोपहर 12 बजे दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में राजीव शुक्ला और गोविंद सिंह डोटासरा की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस हैं. इससे कार्यकारिणी की घोषणा की अटकलें लगाई जा रही है. लेकिन यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कृषि कानूनों को लेकर है. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने 31 दिसंबर के आसपास ही कार्यकारिणी घोषित किये जाने की बात कही है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिये डोटासरा दिल्ली पहुंच चुके हैं.



पायलट को हटाकर डोटासरा को बनाया गया था पीसीसी चीफ
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में पिछले दिनों सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच हुये सियासी घमासान के बाद पायलट को हटाकर 14 जुलाई को डोटासरा को पीसीसी चीफ बनाया गया था. लेकिन उसके बाद गुटबाजी को शांत करने के लिये अभी तक कार्यकारिणी का गठन नहीं किया गया है. कार्यकारिणी के लिये प्रदेश के नेताओं की राष्ट्रीय नेताओं से कई बार चर्चा हो चुकी है. नेता भी लंबे समय से संगठन में जगह पाने के लिये लगातार लॉबिंग करने में जुटे हैं.
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