अदालत ने इंडियन मुजाहिदीन के 12 सदस्यों को सुनाई उम्रकैद की सजा, दिल्ली पुलिस ने किया था गिरफ्तार

अदालत ने बुधवार को 13 आरोपियों में से एक को छोड़कर सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई. (सांकेतिक फोटो)

अदालत ने बुधवार को 13 आरोपियों में से एक को छोड़कर सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई. (सांकेतिक फोटो)

वकास की गिरफ्तारी के बाद तीन और आतंकवादी मोहम्मद महरूफ (Terrorist Mohammad Mehruf), मोहम्मद वकार अजहर और शाकिब अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया था.

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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने बृहस्पतिवार को कहा कि जयपुर की एक अदालत (Court) ने आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के राजस्थान ‘मॉड्यूल’ के 12 सदस्यों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जिन्हें पुलिस बल के विशेष प्रकोष्ठ ने गिरफ्तार किया था. दिल्ली पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मार्च 2014 में, विशेष प्रकोष्ठ ने पाकिस्तानी नागरिक जिया-उर-रहमान उर्फ वकास को गिरफ्तार किया था. बयान में कहा गया है कि वकास अपने फरार साथियों के साथ देश भर में बम विस्फोटों के कई मामलों में वांछित था. वकास की गिरफ्तारी के बाद तीन और आतंकवादी मोहम्मद महरूफ (Terrorist Mohammad Mehruf), मोहम्मद वकार अजहर और शाकिब अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया था.

बयान में कहा गया है कि जयपुर और जोधपुर से पकड़े गए आतंकवादियों के पास से संदिग्ध विस्फोटक सामग्री, डेटोनेटर, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट व टाइमर आदि की बरामदगी की गई थी. आईएम के राजस्थान ‘मॉड्यूल’ के संस्थापक सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान एटीएस ने 10 और आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था. अदालत ने बुधवार को 13 आरोपियों में से एक को छोड़कर सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई.

मरहूम इंस्पेक्टर शर्मा के परिवार को दिए जाएं

बता दें कि बीते 15 मार्च को दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस निरीक्षक मोहन चंद शर्मा की हत्या और 2008 बाटला हाउस मुठभेड़ से जुड़े अन्य मामलों के दोषी आरिज खान को फांसी की सजा सुनाई थी. अदालत ने इस केस को रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस करार देते हुए दोषी आरिज को फांसी की सजा सुनाई थी. अदालत ने आरिज खान पर 11 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. साथ ही अदालत ने निर्देश दिए थे कि 10 लाख रुपये तत्काल प्रभाव से मरहूम इंस्पेक्टर शर्मा के परिवार को दिए जाएं.
मृत्युदंड का विरोध किया था

पुलिस ने आतंकवादी संगठन ‘इंडियन मुजाहिदीन’ से कथित रूप से जुड़े खान को मौत की सजा दिए जाने का अनुरोध किया था और कहा था कि यह केवल हत्या का मामला नहीं है, बल्कि न्याय की रक्षा करने वाले कानून प्रवर्तन अधिकारी की हत्या का मामला है. जिसके बाद अदालत ने यह फैसला दिया था. पुलिस की ओर से पेश हुए अतिरिक्त लोक अभियोजक एटी अंसारी ने कहा कि इस मामले में ऐसी सजा दिए जाने की आवश्यकता है, जिससे अन्य लोगों को भी सीख मिले और यह सजा मृत्युदंड होनी चाहिए. खान के वकील ने मृत्युदंड का विरोध किया था.
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