Home /News /rajasthan /

Jaipur: 20 हजार मजदूर परिवारों के सामने फाकाकशी की नौबत, ट्रेनों पर टिकी है उम्मीदें

Jaipur: 20 हजार मजदूर परिवारों के सामने फाकाकशी की नौबत, ट्रेनों पर टिकी है उम्मीदें

फुलेरा, दौसा, बांदीकुई और अजमेर से मजदूर जयपुर आते हैं. (सांकेतिक फोटो)

फुलेरा, दौसा, बांदीकुई और अजमेर से मजदूर जयपुर आते हैं. (सांकेतिक फोटो)

ट्रेनों (Trains) का ना के बराबर चलना हजारों मजदूरों ( labours) के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गया है. ट्रेनों से डेली अप-डाउन करने वाले इन मजदूरों के सामने अब फाकाकस्सी की नौबत आ गई है.

जयपुर. ट्रेनों (Trains) का ना के बराबर चलना हजारों मजदूरों ( labours) के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गया है. जयपुर के आसपास के लगभग 100 किलोमीटर के इलाके में रहने वाले मजदूर कोविड काल (COVID-19) से पहले छोटी दूरी की ट्रेनों में यात्रा करके जयपुर पहुंचते थे और शाम को वापस अपने गांव रवाना हो जाते थे. इन मजदूरों की तादाद करीब 20 हजार है. जो मजदूर थोड़े बहुत सक्षम हैं वो बाइक के जरिये जयपुर पहुंच रहे हैं और जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं वो ट्रेनों के चलने का इंतज़ार कर रहे हैं. रोजगार के अभाव में फाकाकशी की नौबत आ गई है.

रोजगार के सबसे ज्यादा साधन उपलब्ध हैं यहां
जयपुर उत्तर पश्चिम रेलवे का सबसे बड़ा जंक्शन है. राजधानी होने के कारण राज्य में रोजगार के सबसे ज्यादा साधन यहां उपलब्ध हैं. लिहाजा जयपुर के 100 किलोमीटर के रेडियस में रहने वाले लोग ट्रेनों के ज़रिए जल्दी सुबह यहां पहुंचते थे और देर शाम वापस अपने गांवों की तरफ रवाना हो जाते थे. लेकिन लॉकडाउन के दौरान जब से ट्रेनें बंद हुई हैं इन हजारों लोगों का रोज़गार छिन चुका है. क्योंकि अब ये लोग जयपुर नहीं पहुंच पा रहे हैं. थोड़े बहुत कामगार हैं जो जैसे तैसे जुगाड़कर बाइक के जरिए 80 से 100 किलोमीटर की यात्रा करके जयपुर पहुंच रहे हैं. बाकी मजदूर ट्रेनें शुरू होने की बाट जोह रहे हैं.

Rajasthan Weather Update: प्रदेश में कल से फिर सक्रिय होगा मानसून, आज रहेगी गर्मी, जानिये क्यों?

फुलेरा, दौसा, बांदीकुई और अजमेर आते हैं मजदूर
जयपुर के आस पास के इलाकों में फुलेरा, दौसा, बांदीकुई और अजमेर आते हैं. एक अनुमान के मुताबिक यहां से रेल के जरिए जयपुर आकर काम करने आने वालों की संख्या 15 से 20 हजार है. जो लोग बिना ट्रेनों के कम दूरी से आ रहे हैं उनकी तादाद करीब 50 हजार के करीब है. हालांकि जुलाई से 48 ट्रेनों के शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन समस्या ये है कि इन ट्रेनों में भी अब रिजर्व यात्री ही यात्रा कर सकते हैं. जनरल टिकट से यात्रा पर रोक है. लिहाजा इन कामगारों की समस्या का हल निकलता दिखाई नहीं दे रहा है. क्योंकि या तो ये जनरल टिकट पर यात्रा करते हैं या फिर पास के जरिये.

COVID-19: जब मंडप में मौजूद होंगे थानेदार तभी भीलवाड़ा में हो पाएगी शादी

पहले जयपुर जंक्शन से 100 से ज्यादा ट्रेनें रोज़ गुजरती थी
लॉकडाउन से पहले जयपुर जंक्शन से 100 से ज्यादा ट्रेनें रोज़ गुजरती थी. इनमें सीकर, अजमेर, फुलेरा और बांदीकुई जैसे शहरों के लिए डेमू और इंटरसिटी ट्रेनों की संचालन होता था. इन ट्रेनों से मजदूरों को काफी सहूलियत थी, लेकिन अब एक तरफ तो कोविड-19 ने कमर तोड़ दी, दूसरी तरफ बची खुची कसर रेलवे के नए नियमों ने निकाल दी.

Tags: Indian railway, Jaipur news, Rajasthan News Update

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर