Rajasthan: कांग्रेस में शामिल हुए BSP विधायकों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट आज भी नहीं सुना सकेगा फैसला
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Rajasthan: कांग्रेस में शामिल हुए BSP विधायकों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट आज भी नहीं सुना सकेगा फैसला
हाईकोर्ट के 5 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद यहां आगामी 3 दिन के लिये कार्य पूर्ण रूप से स्थगित कर दिया गया है.

BSP विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बहुचर्चित मामले में हाईकोर्ट का फैसला सोमवार को भी नहीं आ सकेगा. हाईकोर्ट में फैले कोरोना संक्रमण के कारण आगामी तीन दिन के लिये कोर्ट में कार्य स्थगित कर दिया गया है.

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सचिन कुमार शर्मा

जयपुर. बसपा विधायकों (BSP MLA) के कांग्रेस में विलय को लेकर प्रदेश में चल रहे सियासी बवाल का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है. कोर्ट ने बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई पूरी भी कर ली है. लेकिन, इसके फैसले (Decision) पर फिर एक बार ब्रेक लग गया है. याचिका पर फैसला सोमवार को आना था, लेकिन हाईकोर्ट में फैले कोरोना संक्रमण (Corona infection) को देखते हुए हाईकोर्ट समेत समस्त अधीनस्थ अदालतों में 17 से 19 अगस्त तक 3 दिन के लिए कार्य पूर्ण रूप से स्थगित कर दिया गया है. लिहाजा इस मामले में फैसला 17 अगस्‍त को नहीं आयेगा.

बसपा और बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने विधायकों के विलय को हाईकोर्ट में चुनौती दी है. इसमें बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों के भाग्य का फैसला होना है. हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी कर ली है. लेकिन, समय अभाव के कारण फैसला पूरा नहीं लिखा जा सका.फैसला सोमवार को यानी आज आना था, लेकिन हाईकोर्ट में कोरोना अटैक के कारण कोर्ट की कार्यवाही स्‍थगित कर दी गई है.



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करीब 1 घंटे 22 मिनट तक लिखवाया था फैसला
इससे पहले शुक्रवार को जस्टिस महेंद्र गोयल की अदालत ने सुबह 10.30 बजे मामले की सुनवाई शुरू की थी. वह शाम 3 बजकर 18 मिनट तक चली. इस सुनवाई के दौरान स्पीकर की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा था कि संविधान के शेड्यूल 10 के पैरा 6 के तहत विधायकों की अयोग्यता का फैसला लेने का अधिकार केवल स्पीकर के पास है. उसके बाद जस्टिस गोयल ने सभी पक्षों की बहस को शामिल करते हुए फैसला लिखवाना शुरू किया, लेकिन 1 घंटे 22 मिनट लगातार फैसला लिखवाने के बाद समयाभाव के कारण कोर्ट ने सोमवार तक के लिए सुनवाई को टाल दिया था.

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5 न्यायिक कर्मचारियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट में 14 अगस्त को 5 न्यायिक कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. इसमें मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट के 2 कर्मचारी भी शामिल थे. इसके बाद सीजे इंद्रजीत माहन्ती के सेम्पल लिए गए. उनकी 15 अगस्त को आई रिपोर्ट पॉजिटिव निकली. इससे प्रदेश के न्यायिक जगत में हड़कंप मच गया. हालांकि, मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहन्ती की रविवार को आई कंफर्मेशन रिपोर्ट नेगिटिव आई है. यानि उन्हें कोरोना नहीं है. लेकिन हाईकोर्ट प्रशासन ने 17 से 19 अगस्त तक पूर्ण रूप से कार्य स्थगित करने के आदेश जारी कर दिये. इस दौरान हाई कोर्ट औऱ सेशन कोर्ट में कोरोना जांच के लिए सेम्पल लिए जाएंगे.
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