Jaipur: 5 महीने से बिना अवकाश के दिन रात कोरोना पीड़ितों की सेवा में जुटे हैं डॉ. राम, NWR ने किया सम्मान
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Jaipur: 5 महीने से बिना अवकाश के दिन रात कोरोना पीड़ितों की सेवा में जुटे हैं डॉ. राम, NWR ने किया सम्मान
डॉ. राम ने कोरोना से बचाव के लिये कई तरह कैंपने चलाये हैं. इन कैपेंन को काफी सफलता मिली है.

कोरोना काल में कई कोरोना वॉरियर्स ऐसे रहे हैं जिनकी सेवाओं को बरसों याद रखा जायेगा. उत्तर पश्चिमी रेलवे के जयपुर अस्पताल में कार्यरत डॉ. राम मटोरिया भी ऐसे के कोरोना वॉरियर हैं जो गत पांच माह से सबकुछ भूलकर पीड़ितों की सेवा में जुटे हैं.

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जयपुर. कोरोना काल के कुछ कोरोना वॉरियर्स (Corona warriors) और खबरें भविष्य में हमेशा याद की जाएंगी. इस दौर के वो लोग याद रखे जाएंगे और इतिहास में दर्ज किये जायेंगे जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर कोरोना पीड़ितों की मदद की और उनका इलाज किया. ऐसे ही एक डॉक्टर हैं राम मटोरिया (Dr. Ram Matoria) जो राजधानी जयपुर के उत्तर पश्चिम रेलवे हॉस्पिटल (North Western Railway Hospital) में जो गत पांच माह से बिना किसी अवकाश के कोरोना पीड़ितों की सेवा में जी जान से जुटे हुए हैं. उनके इस जुनून में उनकी पत्नी भी इस जंग में पूरी तरह से उनका साथ निभा रही है. कोरोना पीड़ितों की सेवा के डॉक्टर के इस शानदार योगदान को देखते हुए NWR ने 25 हजार रुपये के नगद ईनाम से इन्हें सम्मानित भी किया है.

कई तरह के कैंपेन चलाये
डॉ. राम मटोरिया गत करीब पांच माह से रेलवे के जयपुर हॉस्पिटल में कोरोना पीड़ितों के इलाज में जुटे हुए हैं. डॉक्टर राम ने पांच महीने से एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली. बेटे को खुद से अलग कर लिया ताकि उसके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर ना पड़े और पत्नी के साथ मिलकर कोरोना के मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए दिन रात खुद को पीड़ितों की सेवा में झौंके हुए हैं. डॉ. राम ने कोरोना से बचाव के लिए कुछ नए अभियानों की शुरुआत भी की है. इनमें 'नमस्ते कैपैंन', 'वन टू का फोर कैंपेन', 'कांटेक्ट टू कांटेक्ट कैंपेन' और 'सर्वे स्क्रीनिंग कैंपेन' शामिल हैं. डॉ. राम की ये मुहिम रंग लाई और अब तक रेलवे कॉलोनी या रेलवे हॉस्पिटल का एक भी कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव नहीं हुआ.

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25 हजार के नगद ईनाम से हुये सम्मानित


डॉ. राम मटोरिया कहते हैं कि इलाज कारगर साबित हो रहा है और अब तक आए मरीज़ ठीक होकर लौट रहे हैं. डॉ. राम मटोरिया ने ना केवल अपनी छुट्टियों को पूरी तरह से छोड़ दिया है बल्कि वे रोजाना 12 से 15 घंटे हॉस्पिटल को दे रहे हैं. इनकी लगन और सेवा भावना को देखते हुए स्वतंत्रता दिवस पर NWR के जीएम ने केवल इनकी जमकर तारीफ की, बल्कि 25 हज़ार के नगद ईनाम से इन्हें नवाजा. डॉ. राम मटोरिया के कैंपेन रेलवे में खासी मशहूर हो रहे हैं और सभी रेलवे कर्मचारी उनके कैंपेन में साथ दे रहे हैं.
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