आपके लिए इसका मतलब: राजस्थान में होली के सार्वजनिक जश्न पर रहेंगी कौन सी पाबंदियां

कोविड अनुकूल व्यवहार जैसे-जैसे भीड़ से बचना, मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना और आपस में दो गज की दूरी बनाए रखने की पालना भी करनी होगी.

कोविड अनुकूल व्यवहार जैसे-जैसे भीड़ से बचना, मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना और आपस में दो गज की दूरी बनाए रखने की पालना भी करनी होगी.

Corona & Holi festival: कोरोना की दूसरी लहर के कारण इस बार होली का रंग फीका रहेगा. प्रदेश में आमजन को संक्रमण से बचाने के लिए राज्य सरकार ने कोरोना को लेकर पूर्व में लगाए गए प्रतिबंधों को जारी रखा है.

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जयपुर. कोरोना की दूसरी लहर ने राजस्थान में होली (Holi festival) के अवसर पर मनाए जाने वाले परंपरागत धार्मिक उत्सवों/ कार्यक्रमों में भाग लेने पर कुछ पाबंदियां (Restrictions) लगा दी हैं. अब इन कार्यक्रमों में सीमित मात्रा में लोग भाग ले सकेंगें. मारवाड़ की होली, ब्यावर की होली, श्री महावीरजी की लठमार होली और होली के अवसर पर इलोजी की सवारी का रंग इस बार फीका रहेगा.

कोरोना के कारण इस बार होली का जश्न घर में ही मनाना होगा. गुलाल भी घर में ही लगानी होगी. 4 फरवरी को गृह विभाग की ओर से जारी कोरोना मानक संचालन प्रक्रिया का उल्लंघन करने पर सजा के कड़े प्रावधान किए गए हैं. मानक संचालक प्रक्रिया का उल्लंघन करने पर राजस्थान महामारी अधिनियम के तहत जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है. इन प्रतिबंधाें को हाल ही में प्रदेश में लागू किए गए नाइट कर्फ्यू के आदेशों में फिर दोहराया गया है.

ये रहेंगी पाबंदियां




  • धार्मिक मेलों में भाग लेने वाले स्वस्थ तीर्थयात्रियों को अपने राज्य में मौजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र/जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज से निर्धारित प्रारूप में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और नेगेटिव आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट (जो 72 घंटे से पुरानी न हो) अपने साथ रखनी होगी. इन दस्तावेजों के बिना मेले, उत्सवों और कार्यक्रमों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.


  • परेशानी से बचने के लिए इन दस्तावेजों के बिना घर से रवाना ना हों.


  • राजस्थान में किसी मेले के लिए रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं को संबंधित जिला प्रशासन से रजिस्ट्रेशन करवाना होगा.




  • श्रद्धालुओं को अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल कर इस्तेमाल करना होगा.


  • कोविड अनुकूल व्यवहार, मसलन भीड़ से बचना, मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना और आपस में दो गज की दूरी बनाए रखने की पालना भी करनी होगी.




इन्हें धार्मिक यात्रा करने से बचना चाहिए





  • हाई रिस्क वाले व्यक्तियों जैसे 65 वर्ष से ज्यादा उम्र के व्यक्ति धार्मिक कार्यक्रम में भाग ना लें.


  • 10 साल के कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति भी यात्रा करने से बचें.


  • को-मोर्बिड व्यक्तियों (डायबिटीज, हाइपर टेंशन, हृदय, श्वसन, किडनी रोग, कैंसर से ग्रसित) को धार्मिक मेलों, उत्सवों और कार्यक्रमों में नहीं जाना चाहिए.



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