Rajasthan: जयपुर में बच्ची के हाथ में फ्रैक्चर हुआ तो इलाज की जगह मिला कोरोना, मां को बिना टेस्ट बताया पॉजिटिव

मामला राजधानी जयपुर के आरयूएचएस जुड़ा हुआ है.

मामला राजधानी जयपुर के आरयूएचएस जुड़ा हुआ है.

राजस्थान (Rajasthan) में कोरोना के कहर के बीच लापरवाही की भी इंतिहा हो रही है. राजधानी जयपुर में लापरवाही का ऐसा ही एक बड़ा मामला सामने आया है.

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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) में कोरोना के कहर के बीच लापरवाही की भी इंतिहा हो रही है. राजधानी जयपुर में लापरवाही का ऐसा ही एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां एक दंपत्ति अपनी 5 साल की बेटी के हाथ में हुए में फ्रैक्चर का इलाज कराने गए तो पहले तो बेटी कोरोना (COVID-19) चपेट में आ गई. जब बेटी का इलाज कराया तो पत्नी को बिना जांच किए ही कोरोना पॉजिटिव बता दिया गया. सरकारी गफलत की शिकार हुए इस दंपत्ति को अब भी अपनी बेटी के हाथ के फ्रैक्चर के इलाज का इंतजार है.

आरयूएचएस जुड़ा हुआ है मामला

दैनिक भास्कर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार मामला राजधानी जयपुर के आरयूएचएस जुड़ा हुआ है. एक बच्ची के हाथ में फ्रैक्चर होने पर उसके माता-पिता गुलाम मोहम्मद और शबनम उसका इलाज करवाने के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में गए थे. वहां चिकित्सकों ने बेटी के हाथ पर प्लास्टर बांधकर उसे वार्ड नंबर 205 में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया. चिकित्सकों ने बताया कि पहले बच्ची का कोरोना टेस्ट होगा. रिपोर्ट आने के बाद ही फ्रैक्चर का इलाज शुरू होगा. उसके बाद बताया कि बच्ची कोरोना पॉजिटिव है. बकौल गुलाम मोहम्मद इसके बाद उसके बाद उन्हें आरयूएचएस भेज दिया गया.

यहां से शुरू हुई दूसरी कहानी
गुलाम मोहम्मद ने बताया कि बेटी को अकेला नहीं छोड़ सकते थे, लिहाजा उन्हें भी बेटी के साथ रुकना पड़ा. इस पर उन्होंने स्टाफ को कहा कि उसका और पत्नी शबनम का भी कोरोना टेस्ट कर लो, क्योंकि वे पिछले काफी समय से बच्ची के साथ हैं. लेकिन टेस्ट नहीं किया गया. गत 5 जून को बेटी का एक और कोरोना टेस्ट किया गया. उसमें उसकी निगेटिव आई. इस बीच स्टाफ ने बताया कि शबनम की रिपोर्ट भी पॉजिटिव है, जबकि उसका कोरोना टेस्ट हुआ ही नहीं था.

अभी भी हाथ के इलाज के लिए भटक रहे हैं

इस पर स्टाफ हड़बड़ा गया और शबनम से बोला कि तुम आईसीयू में चलो वहीं जांच हो जाएगी. इस बीच स्टाफ ने जल्दी रिपोर्ट दिलाने के नाम पर पैसों की भी मांग की. जांच रिपोर्ट नहीं आने तक वे धक्के खाते रहे. उसके बाद स्टाफ ने 8 जून को बताया कि शबनम की रिपोर्ट भी नगेटिव है. बकौल गुलाम मोहम्मद बेटी के हाथ के ऑपरेशन के लिए डॉक्टर से संपर्क किया तो उसने कहा कि 15 दिन का क्वॉरेंटाइन पीरियड पूरा होने पर ही इलाज करेंगे. तब से इलाज के लिए भटक रहे हैं



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