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COVID-19: राजस्थान में कोरोना को हराने का अचूक मंत्र बना Home Quarantine

बहराइच में भी कोरोना ने पांव पसारे (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बहराइच में भी कोरोना ने पांव पसारे (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोना (COVID-19) को यदि हराना है तो होम क्वॉरेंटाइन (Home quarantine) सबसे बढ़िया तरीका है. राजस्थान के 7 जिलों में होम क्वॉरेंटाइन की कवायद के परिणाम काफी बेहतर आए हैं.

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जयपुर. कोरोना (COVID-19) को यदि हराना है तो होम क्वॉरेंटाइन (Home quarantine) सबसे बढ़िया तरीका है. राजस्थान के 7 जिलों में होम क्वॉरेंटाइन की कवायद के परिणाम काफी बेहतर आए हैं. राज्य के कुछ जिले ऐसे हैं जिनमें कोरोना के पॉजिटिव केस सामने आए, लेकिन उन्होंने होम क्वॉरेंटाइन के फार्मूले का बखूबी इस्तेमाल कर इस वायरस की चेन का वहीं तोड़ दिया. इसका परिणाम यह हुआ कि वहां नए केस सामने नहीं आए. जो केस आए थे उन्हें भी स्वस्थ कर वापस घर भेजने में सफलता हासिल कर ली है. होम क्वॉरेंटाइन का नतीजा ये हुआ कि उन जिलों में कोरोना वायरस बेकाबू नहीं हो सका.

इन जिलों में सर्वाधिक लोगों को होम क्वॉरेंटाइन किया गया
उदयपुर, डूंगरपुर, चित्तौडगढ़, पाली, नागौर, करौली और अजमेर वे जिले हैं, जहां सर्वाधिक लोगों को होम क्वॉरेंटाइन किया गया. डूंगरपुर, पाली और करौली तो कोरोना मुक्त भी हो चुके हैं. यहां अब एक भी रोगी नहीं है. उदयपुर में करीब 1 हफ्ते पहले दो दिन में 4 रोगी सामने आए थे. वहां उसके बाद से कोई नया रोगी नहीं आया. नागौर में बासनी, परबतसर थाने और लाडनूं के अलावा जिला मुख्यालय पर एक भी पॉजिटिव नहीं है.

उदयपुर में सबसे लोगों को होम क्वॉरेंटाइन किया गया
उदयपुर ने प्रदेश में सबसे अधिक 80 हजार 786 लोगों को होम क्वॉरेंटाइन किया. डूंगरपुर में 51 हजार 43 लोगों को होम क्वॉरेंटाइन किया गया. सबसे कम धौलपुर में सिर्फ 165 लोगों को ही होम क्वारेंटाइन किया गया है. वहां अब तक सिर्फ 1 कोरोना पॉजिटिव आया है. वहीं राजधानी जयपुर में जहां सर्वाधिक कोरोना पॉजिटिव हैं वहां केवल 14 हजार 689 लोगों को ही होम क्वॉरेंटाइन किया गया है. इसका नतीजा सबके सामने है.

जोधपुर में महज 1416 लोगों को होम क्वॉरेंटाइन किया गया
अकेले जयपुर के रामगंज में ही 510 से ज्यादा पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं. यही हाल जोधपुर और कोटा जैसे शहरों का है. जोधपुर में अब तक केवल 1416 लोगों को होम क्वॉरेंटाइन किया गया. वहीं कोटा में 10 हजार 287 लोगों को होम क्वॉरेंटाइन किया गया. पॉजिटिव केस सामने आने पर भी संदिग्धों को घरों में बंद न किए जाने का नतीजा यह रहा कि जयपुर में 753, जोधपुर में 310 और कोटा में 140 केस हो गए हैं.

इन जिलों में होम क्वॉरेंटाइन का फार्मूला सफल रहा
उदयपुर - 80746
डूंगरपुर - 51043
चित्तौडगढ़ - 40141 (एक भी केस नहीं आया)
पाली - 37640
नागौर - 34422
करौली - 32010
अजमेर - 28931

अजमेर और नागौर में लापरवाही बरतते ही परिणाम बदल गए
प्रदेश के जिन जिलों में होम क्वॉरेंटाइन के फार्मूले को बेहतर तरीके से अपनाया गया वहां कोरोना के फैलाव को रोकने में भी सफलता हासिल हुई है. अजमेर और नागौर जिले में ज्योंहि लापरवाही बरती गई तो वहां कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ गई. इनमें अजमेर में पॉजिटिव की संख्या 106 और नागौर में 93 तक पहुंच गई. ऐसे में यह समझना होगा कि होम क्वॉरेंटाइन से ही कोरोना को हराया जा सकता है.

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