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Rajasthan: सियासी संकट के साथ बेकाबू हुआ कोरोना, एक ही दिन में आए 956 पॉजिटिव केस

कुल पॉजिटिव पाये केसेज में से 6700 से ज्यादा प्रवासी राजस्थानी हैं.

कुल पॉजिटिव पाये केसेज में से 6700 से ज्यादा प्रवासी राजस्थानी हैं.

Rajasthan Covid-19 Update: स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में सोमवार को एक ही दिन में अब तक के रिकॉर्ड 956 पॉजिटिव केस सामने आये हैं. इसके साथ ही अब कोरोना पॉजिटिव केसेज की संख्या बढ़कर 30,390 हो गई है.

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जयपुर. सियासी संग्राम (Political crisis) के साथ-साथ राजस्थान में कोरोना (COVID-19) भी बेकाबू हो गया है. प्रदेश में एक ही दिन में 956 पॉजिटिव केस आने से चिंता बढ़ गई. प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 30 हजार के पार हो गई है. यहां कोरोना अब तक 568 लोगों की जान ले चुका है. जोधपुर, बीकानेर और अलवर में कोरोना संक्रमण के फैलाव ने सरकार और लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है.

अब तक 12.44 लाख से ज्यादा लोगों की सेम्पलिंग
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में सोमवार को एक ही दिन में अब तक के रिकॉर्ड 956 पॉजिटिव केस सामने आये हैं. इसके साथ ही अब कोरोना पॉजिटिव केसेज की संख्या बढ़कर 30,390 हो गई है. सोमवार को एक ही दिन में राज्यभर में 9 लोगों की मौत हो गई है. इनमें 5 लोगों की मौत जोधपुर में, 3 की बीकानेर में और 1 संक्रमित की मौत पाली में हुई है. इसके साथ ही कोरोना संक्रमण के कारण अकाल मौत के शिकार होने वाले लोगों की तादाद भी 568 तक जा पहुंची है. राज्य में अब तक 12.44 लाख से ज्यादा लोगों की सेम्पलिंग की जा चुकी है.

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राजस्थान में अब 7,627 एक्टिव केस


कुल पॉजिटिव पाये केसेज में से 6700 से ज्यादा प्रवासी राजस्थानी हैं, जो देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों से यहां आए हैं. राज्यभर में अब तक पॉजिटिव पाये गये केसेज में 22,195 केस नेगेटिव हो चुके हैं. वहीं इनमें
21,389 को पूरी तरह से ठीक होने के बाद अस्पतालों से डिस्चार्ज किया जा चुका है. राजस्थान में अब 7,627 एक्टिव केस हैं.

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सरकारी स्तर पर नहीं हो पा रही है प्रभावी मॉनिटरिंग
उल्लेखनीय है कि राज्य में गहराये राजनीतिक संकट के कारण कोरोना की प्रभावी मॉनिटरिंग पर बेजा विपरीत प्रभाव पड़ा है. राजनीतिक अस्थिरता के कारण सरकार कोरोना की प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं कर पा रही है. ना ही सरकार के पास सही फीडबैक पहुंच पा रहा है. अधिकारी भी इसकी रोकथाम के लिए यथासमय उचित निर्णय नहीं ले पा रहे हैं. इसके चलते कोरोना फैलने की स्पीड काफी तेज हो गई है.
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