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Rajasthan Panchayat elections: 80 फीसदी पार पहुंच रही पोलिंग, लेकिन बदइंतजामी पड़ सकती है सेहत पर भारी

पंचायत और शहरी निकायों के चुनाव में मतदाताओं का उत्साह पूरे शबाब पर होता है. लेकिन इसमें फैल रही अव्यवस्थायें सेहत पर भारी पड़ सकती हैं. अलवर जिले में प्रथम चरण के पंचायत चुनाव में शहद गांव में मतदान के दौरान के उमड़ी भीड़. फाइल फोटो
पंचायत और शहरी निकायों के चुनाव में मतदाताओं का उत्साह पूरे शबाब पर होता है. लेकिन इसमें फैल रही अव्यवस्थायें सेहत पर भारी पड़ सकती हैं. अलवर जिले में प्रथम चरण के पंचायत चुनाव में शहद गांव में मतदान के दौरान के उमड़ी भीड़. फाइल फोटो

Rajasthan Panchayat elections: ग्रामीण क्षेत्राें में हो रहे चुनाव में जिस तरह से कोरोना गाइडलाइन (Corona Guideline) की धज्जियां उड़ाई जा रही है उसे देखते हुये आमजन के स्वास्थ को खतरा बढ़ गया है.

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जयपुर. प्रदेश में कोरोना के साये के बीच पंचायत चुनाव (Rajasthan Panchayat elections) की प्रक्रिया सम्पन्न करवाई जा रही है. चार में से दो चरण (2 Phase) पूरे भी हो चुके हैं. कई तरह की आशंकाओं के बीच हो रहे इन चुनावों में आखिरकार जीत लोकतंत्र की हो रही है. कोरोना (COVID-19) के खौफ के बीच भी ग्रामीण मतदाताओं का उत्साह देखते बन रहा है और मतदान का आंकड़ा 80 फीसदी के अंक को पार कर रहा है. पहले चरण में प्रदेश में जहां 83.5 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया वहीं दूसरे चरण में आंकड़ा दो कदम और आगे बढ़कर 84.67 प्रतिशत पहुंच गया.

लेकिन मतदाताओं के इस उत्साह के बीच कोरोना गाइडलाइंस हवा हो गई और सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क जैसे निर्देशों की जमकर धज्जियां उड़ी. इन लापरवाहियों के चलते कोरोना संक्रमण के ज्यादा पैर पसारने का खतरा भी बढ़ गया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने बार-बार कोरोना प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना करवाने के निर्देश जरूर दिए, लेकिन प्रशासन इसकी सही तरीके से पालना नहीं करवा पा रहा है.

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नगर निगम चुनाव में ज्यादा खतरा
नियमों के इस उल्लंघन पर ध्यान दिलाना इसलिए भी ज्यादा जरूरी है क्योंकि प्रदेश में कोरोना के साये के बीच ही नगर निगम चुनाव करवाए जाने की कवायद भी चल रही है. पंचायत चुनाव के उलट नगर निगम के चुनाव शहरी क्षेत्र में होने हैं जहां कोरोना संक्रमण का खतरा और केसेज पहले से ही ज्यादा है. इतना ही नहीं ये चुनाव जयपुर, जोधपुर और कोटा में होने हैं यानी उन शहरों में जो प्रदेश के सबसे ज्यादा संक्रमित शहर हैं. जयपुर और जोधपुर में प्रदेश के सबसे ज्यादा कोरोना केस सामने आ रहे हैं और यहां एक्टिव केसेज की संख्या भी सबसे ज्यादा है. गांवों में अभी तक कोरोना संक्रमण का खतरा कम है लेकिन यदि शहरों में हुए चुनाव में इसी तरह के नजारे देखने को मिले तो कोरोना विस्फोट हो सकता है.

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पंचायत और निकाय चुनाव में होती है ज्यादा वोटिंग
लोकतंत्र के उत्सव यानी चुनाव के प्रति देश का लोगों का खास उत्साह हमेशा ही देखने को मिलता है. लेकिन पंचायत और शहरी निकायों के चुनाव में यह उत्साह पूरे शबाब पर होता है. पंचायत और नगर निकाय चुनाव में वोटिंग प्रतिशत हमेशा ज्यादा होता है. छोटा चुनाव होने के चलते प्रत्याशी और उनके समर्थक हर एक वोटर को मतदान केन्द्र तक लाने का प्रयास करते हैं. इस बार चुनाव चूंकि कोरोना संक्रमण के साये के बीच हो रहे हैं लिहाजा उत्साह तो ठीक है लेकिन सावधानी भी बेहद जरूरी है. संक्रमण को थामना है तो राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासन को भी निर्देशों की पालना सख्ती से करवानी होगी.
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