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साइबर अटैक का खतरा: इंटरपोल ने जारी किया 'पर्पल' नोटिस, इन बातों का रखें खास ख्याल
Jaipur News in Hindi

Sourabha Grahasthi | News18 Rajasthan
Updated: May 23, 2020, 7:37 AM IST
साइबर अटैक का खतरा: इंटरपोल ने जारी किया 'पर्पल' नोटिस, इन बातों का रखें खास ख्याल
नए निर्देशों में कहा गया है कि ऑपरेटिंग सिस्टम और सभी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर हमेशा अपडेटेड रखें.

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (COVID-19) से उत्पन्न स्थिति के दौरान साइबर अटैक (Cyber attack) की संभावनाओं को देखते हुए इंटरपोल (Interpol) की ओर से 'पर्पल' नोटिस (Purple notice) जारी किया गया है.

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जयपुर. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (COVID-19) से उत्पन्न स्थिति के दौरान साइबर अटैक (Cyber attack) की संभावनाओं को देखते हुए इंटरपोल (Interpol) की ओर से 'पर्पल' नोटिस (Purple notice) जारी किया गया है. उसके बाद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने पर्सनल, सरकारी और गैर सरकारी संगठनों में कम्प्यूटर पर होने वाले साइबर अटैक से बचने के लिए निर्देश जारी किए हैं.

फिसिंग अटैक के जरिए डाटा चुराया जा रहा है
पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में दुनियाभर में फिसिंग ई-मेल के जरिये कोरोना वायरस नाम से हानिकारक फाइल भेजकर कंप्यूटर हैक और डाटा को इंक्रिप्ट कर फिरौती के माध्यम से ठगी की जा रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से आगाह किया गया है कि डब्ल्यूएचओ की छवि का दुरुपयोग कर फिसिंग अटैक के जरिए यूजर नेम, पासवर्ड मांगे जा रहे हैं और डाटा चुराया जा रहा है.

महत्वपूर्ण डाटा का समय-समय पर किसी दूसरी डिवाइस में बेकअप लेते रहे



एडिशनल पुलिस कमिश्नर अशोक कुमार गुप्ता और डीसीपी योगेश यादव के निर्देशन में साइबर अटैक से बचने के लिए पुलिस कमिश्नरेट के साइबर सेल ने इसको लेकर विस्तृत निर्देशिका तैयार की है. इन निर्देशों में कहा गया है कि सरकारी और गैर सरकारी संगठन समेत पर्सनल कंप्यूटर का उपयोग करते समय अब और ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है. नए निर्देशों के अनुसार कंप्यूटर पर महत्वपूर्ण डाटा को समय-समय पर किसी दूसरी डिवाइस में बेकअप लेते रहना चाहिए. बैकअप लेते समय कंप्यूटर का इंटरनेट बंद होना चाहिए.



एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर हमेशा अपडेटेड रखें
ऑपरेटिंग सिस्टम और सभी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर हमेशा अपडेटेड रहने चाहिए. किसी अनचाही ई-मेल द्वारा में आए हुए अटैचमेंट या यूआरएल को ओपन नहीं करना चाहिए. विश्वसनीय एंटी वायरस का ही उपयोग करना चाहिए ताकि बेड डोमेन एड्रेस का पता लगाकर उन्हें ब्लॉक किया जा सके. कंप्यूटर सिस्टम में रिस्टोर प्वाइंट बनाकर रखना चाहिए जिससे भविष्य में होने वाले डाटा लॉस को कम से कम किया सके. निर्देशिका में बताया गया है कि पायरेटेड सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.

इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान
- कम्प्यूटर में केवल उन्हीं एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को चलाने की अनुमति होनी चाहिए जिनको एडमिनिस्ट्रेटर ने स्वीकृति दे रखी हो. - ऑर्गेनाइजेशन के नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर को स्पेम फिल्टर के नियमों की सख्ती से पालना करनी चाहिए.

- ऑर्गनाइजेशन के नेटवर्क एडमिन को एंटी वायरस और फायरवॉल का उपयोग नेटवर्क की सभी ईमेल की स्कैनिंग के लिए करना चाहिए. ताकि पता चल सके कि ई-मेल या अटैचमेंट में कोई मेल वेयर तो नहीं है.

- नेटवर्क एडमिन को फायरवॉल को कंफिगर्ड रखना चाहिए ताकि मेलसियस आईपी ऐड्रेसेस को ब्लॉक किया जा सके.

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First published: May 23, 2020, 6:33 AM IST
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