Rajasthan: रोडवेज ने बिना संक्रमण के 1 करोड़ यात्रियों को पहुंचाया गंतव्य तक, सेवा में 1315 बसें

वर्तमान में रोडवेज की करीब 1315 बसें प्रदेश के 924 विभिन्न रूट्स पर प्रतिदिन 3231 ट्रिप कर रही हैं.

राजस्थान रोडवेज (Rajasthan Roadways) ने कोरोना काल में सुरक्षित यात्रा (Safe journey) का बेहतरीन रिकॉर्ड कायम किया है. इस अवधि में रोडवेज ने 2.78 करोड़ किलोमीटर का सफर तय कर करीब 1.1 करोड़ यात्रियों (Passengers) को सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य तक पहुंचाया है.

  • Share this:
जयपुर. प्रदेश में तेजी से फैल रहे कोरोना (COVID-19) संक्रमण के बीच भी राजस्थान रोडवेज (Rajasthan Roadways) का सुरक्षित सफर जारी है. अनलॉक 1.0 में रोडवेज ने 3 जून से अपना नियमित संचालन शुरू किया था. पहले दिन रोडवेज में मात्र साढ़े 7 हज़ार यात्रियों ने सफर किया था. लेकिन, जैसे-जैसे छूट का दायरा बढ़ा लोगों में रोडवेज के प्रति विश्वास भी बढ़ता गया. यही वजह है कि संक्रमण काल में रोडवेज की बसों से अब तक करीब 1.1 करोड़ यात्री सफर कर चुके हैं. वो भी बिना किसी संक्रमण (Without any infection) के. रोडवेज बसें भी इस अवधि अब तक 2.78 करोड़ किलोमीटर का सफर तय कर चुकी है. लेकिन उसके बाद भी रोडवेज संक्रमण मुक्त है. इसकी बड़ी वजह है रोडवेज का बेहतरीन स्व-अनुशासन वाला सेफ्टी मॉडल.

कोरोना काल में रोडवेज 15 अगस्त तक करीब 1.1 करोड़ से ज्यादा लोगों को यात्रा करवा चुकी है. रोडवेज की बसें 26 मार्च से लगातार संचालित हो रही हैं. इसके तहत एपिसेंटर से हजारों लोगों को अस्पताल और क्‍वारंटीन सेंटर भी पहुंचाया गया. वहीं 26 मार्च से 4 जून के बीच करीब 4.64 लाख श्रमिकों, प्रवासी राजस्थानियों, स्टूडेंट्स और विदेश से आने वाले प्रवासी भारतीयों को अपने-अपने घर तक जाने के लिये ये बसें फ्री उपलब्ध करवाई गई. 3 जून से रोडवेज ने अपना नियमित संचालन शुरू कर दिया था. उसके बाद 15 अगस्त तक करीब 1.1 करोड़ यात्रियों का परिवहन किया जा चुका है. वर्तमान में प्रतिदिन रोडवेज की करीब 1315 बसें 924 रूट्स पर 3231 ट्रिप कर रही हैं.

COVID-19: राजस्थान में अब प्रतिदिन आने लगे 1000 से ज्यादा केस, 62000 के पार हुआ आंकड़ा, अब तक 887 की मौत

केवल 2 कर्मचारी हुये संक्रमित
रोडवेज के करीब 16 हज़ार कर्मचारी कार्यरत हैं. ये कर्मचारी आमतौर पर सीधे तौर पर आमजन के संपर्क में रहते हैं, लेकिन ये रोडवेज के सेफ्टी मॉडल की वजह से कोरोना संक्रमित होने से बचे हुए हैं. अभी तक रोडवेज के केवल 2 कर्मचारी ही कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं. ये कर्मचारी भी शुरुआती दौर में सामने आये थे. आमजन के संपर्क में रहने वाले कर्मचारियों के लिए मास्क, ग्‍लब्‍ज और फेस शील्ड पहनना अनिवार्य किया गया है.

Rajasthan Weather Alert: आज फिर जोरदार बारिश की चेतावनी, 18 जिलों के लिये अलर्ट जारी

स्व-अनुशासन' का सेफ्टी मॉडल
रोडवेज कर्मचारियों का बचाव वे खुद स्व-अनुशासन से कर रहे हैं. रोडवेज अपने इस मॉडल के तहत रूट पर जाने से पहले अभी भी प्रत्येक बस को वर्कशॉप में सोडियम हाईपोक्लोराइड के सॉल्यूशन से पूरी तरह से डिस-इनफेक्ट करती है. कार्यालयों में प्रवेश से पहले प्रत्येक कर्मचारी की थर्मल स्‍कैनिंग नियमित रूप से की जाती है. कार्यालय में जगह-जगह स्वचालित सेनेटाइजर मशीनें स्थापित की गई हैं. सभी यात्रियों की थर्मल स्‍कैनिंग अनिवार्य है. सभी बसों में थर्मल गन, सेनेटाइजर और डस्टर की व्यवस्था पुख्ता की गई है. बस को लगातार सेनेटाइज करने की व्यवस्था इसके सेफ्टी मॉडल को मजबूत बनाता है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.