कोरोना से जंग: केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का परिवार भी जुटा है मास्क बनाने में, जरुरतमंदों को मिल रही मदद
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कोरोना से जंग: केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का परिवार भी जुटा है मास्क बनाने में, जरुरतमंदों को मिल रही मदद
शेखावत की पत्नी नौनंद कंवर की ओर से शुरू किए इस काम में उनकी बेटी सुरंगमा समेत परिवार के अन्य लोग और स्टाफ के लोग भी हाथ बंटा रहे हैं.

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) का परिवार भी कोरोना के खिलाफ जंग में जरुरतमंद लोगों के लिए 3 लेयर के कपड़े के मास्क बना रहा है. इन मास्क को जरूरतमंदों में बांटा जा रहा है.

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जयपुर. कोरोना (COVID-19: ) के खिलाफ जंग में देशभर में हुए लॉकडाउन (Lockdown) के बीच आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग फ्रंट लाइन पर लड़ाई लड़ रहे हैं तो वहीं देश का हर आम और खास व्यक्ति भी कोराना के खिलाफ जंग में अपना योगदान दे रहा है. इसी कड़ी में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) का परिवार भी कोरोना के खिलाफ जंग में जरुरतमंद लोगों के लिए दिल्ली में अपने निवास पर 3 लेयर के कपड़े के मास्क बना रहा है. इन मास्क को जरुरतमंदों में बांटा जा रहा है.

इस जंग में सभी के यथोचित योगदान करने की जरूरत
गजेंद्र सिंह शेखावत की पत्नी नौनंद कंवर की ओर से शुरू किए इस काम में उनकी बेटी सुरंगमा समेत परिवार के अन्य लोग और स्टाफ के लोग भी हाथ बंटा रहे हैं. शेखावत कहते हैं कि इस बीमारी से लड़ने के लिए चेक रिपब्लिक के लोगों ने 3 दिन में एक करोड़ मास्क बनाकर पूरे देश में बांट दिए. जब वह वीडियो डॉक्यूमेंट्री के रूप में उनके सामने आया तो उन्हें भी प्रेरणा मिली कि हमें भी कोरोना के खिलाफ जंग में अपना योगदान देना चाहिए. शेखावत कहते हैं 'मैं यह सोचता हूं कि यह ऐसा समय है जब हर एक व्यक्ति को एक साथ की जुटने और इस जंग में यथोचित योगदान करने की जरूरत है'.

इस बोध कथा से भी मिली प्रेरणा



केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मुझे एक बोध कथा से भी इस बात की प्रेरणा मिली कि जंगल में आग लगने पर चिड़िया अपने पंखों की परवाह किए बगैर चोंच में पानी भरकर आग बुझाने की कोशिश कर रही थी. इस पर चिड़िया का कहना था कि जब जंगल की आग का इतिहास लिखा जाएगा तो मुझे आग बुझाने वाले लोगों की तरह याद किया जाएगा. इसलिए मैं समझता हूं कि हर व्यक्ति को इस लड़ाई में अपना योगदान देने का संकल्प करने की आवश्यकता है.



अच्छे कामों में एक साथ जुड़ने की जरूरत है
शेखावत की बेटी सुरंगमा कहती हैं कि इस महामारी के दौर में देशभर के लोगों को अच्छे कामों में एक साथ जुड़ने और इसकी एक चेन बनाने की जरूरत है. एक हफ्ते पहले जब उन्होंने यह काम शुरू किया और उनके स्टाफ के लोगों के माध्यम से स्टाफ के परिवारों और आसपास के लोगों को मास्क बांटे. उसके बाद उन लोगों को भी प्रेरणा मिली और अब वह लोग भी मास्क बनाने के काम में जुट गए हैं. सुरंगमा कहती हैं कि परिवार और स्टाफ के लोग मिलकर रोजाना 200 से 300 मास्क बना रहे हैं. अगर देश का हर व्यक्ति इस काम में जुट जाए तो हर जरूरतमंद तक ना सिर्फ मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी बल्कि देशभर में चल रही इसकी कालाबाजारी और बढ़ते हुए दामों पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा.

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