COVID-19: बीजेपी ने दिया राजस्थान में Weekend Lockdown का सुझाव

राजस्थान में कोरोना पर अहम बैठक.
राजस्थान में कोरोना पर अहम बैठक.

 कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने गहलोत सरकार को सुझाव दिया कि दो दिन का लॉकडाउन (Lockdown) व्यावहारिक रास्ता नहीं है.

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जयपुर. कोरोना (COVID-19) को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक में भाजपा नेताओं ने सीएम अशोक गहलोत को सप्ताह के अंत में दो दिन का लॉकडाउन (Lockdown) का सुझाव दिया. तो वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लॉकडाउन की बजाय जागरूकता पर फोकस करने का सुझाव दिया. वीसी के जरिए हुई सर्वदलीय बैठक में नेता प्रतिपक्ष गुलाबंचद कटारिया ने सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन का सुझाव दिया जिसका बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी समर्थन किया. कटारिया ने कहा कि जिस तरह कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं एसे देखते हुए दो दिन का लॉकडाउन जरूरी है.

उधर, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सुझाव दिया कि दो दिन का लॉकडाउन व्यावहारिक रास्ता नहीं है. उन्होंने कहा कि दो दिन लॉकडान के बाद तीसरे दिन ज्यादा भीड़ होगी तो सब किया कराया बराबर हो जाएगा. इसकी बजाय भीड़ कम करने, लोगों को बिना मास्क बाहर ना निकलने पर जागरूक करना ज्यादा सही रहेगा. बैठक में सीपीएम विधायक बलवान पूनिया ने जयपुर के जाना अस्पताल सहित कई अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया. आरएलपी विधायक पुखराज गर्ग ने होम क्वारन्टीन होने वाले कोराना मरीजों को नहीं संभालने का मुद्दा उठाया. पुखराज गर्ग ने कहा कि 7 सितंबर को जांच करवाई. 10 को बताया कि रिपोर्ट पॉजिटिव है. उसके बाद आज तक पूछा नहीं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लापरवाही का स्तर क्या है?

सामाजिक स्ंगठनों के प्रतिनिधियों ने कही ये बात



राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद सीएम गहलोत ने दो दर्जन से भी ज्यादा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की. दो दर्जन से ज्यादा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सीएम को कोराना रोकथाम का लेकर अहम सुझाव दिए. सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा राय, निखिल डे सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन लगाने के सुझाव को गलत करार देते हुए तर्क दिसा कि इससे गरीब और मजदूर की दशा और खराब हो जाएगी. सामाजिक संगठनों ने लॉकडाउन की जगह जागरूकता पर फोकस करने. सोशल डिस्टेंसिंग की प्रभावी तरीके से पालना करवाने पर जोर दिया.
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बैठक में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सुझाव दिया कि नेता बिना मास्क नजर नहीं आएं इससे समाज में गलत असर पड़ता है. सामाजिक कार्यकर्ता धर्मवीर कटेवा ने बैठक में कहा कि नेताओं के हॉर्डिग में फोटो भी मास्क के साथ नजर आनी चाहिए ताकि जनता मास्क लगाने के प्रति और जागरूक हो सके. नेता अगर बिना मासक नजर आते हैं तो जनता में गलत मैसेज जाता है, इसलिए नेता खुद से शुरुआत करें.
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