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आपके लिये इसका मतलब: कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन, स्वास्थ्य और आर्थिक नुकसान

गाइडलाइन की पालना नहीं करने का सबसे बड़ा असर तो इस महामारी के फैलाव के रूप में  सामने आयेगा. कुछ व्यक्तियों की लापरवाही बहुत से व्यक्तियों पर भारी पड़ेगी.
गाइडलाइन की पालना नहीं करने का सबसे बड़ा असर तो इस महामारी के फैलाव के रूप में सामने आयेगा. कुछ व्यक्तियों की लापरवाही बहुत से व्यक्तियों पर भारी पड़ेगी.

कोरोना गाइडलाइन (Corona Guideline) के उल्लंघन पर प्रदेशभर में कार्रवाइयां लगातार जारी है. पुलिस अब तक 10 लाख 5 हजार से ज्यादा लोगों के चालान काटकर 23.52 करोड़ का जुर्माना वसूल चुकी है. आप सतर्कता बरतकर अपना स्वास्थ्य और पैसा (Health and money) दोनों बचा सकते हैं.

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जयपुर. विश्वव्यापी कोरोना महामारी (COVID-19) ने पूरे प्रदेश को अपनी जकड़ में ले रखा है. अब तक राज्यभर में इसके 2.74 लाख से ज्यादा मरीज (Patient) पाये जा चुके हैं. इनमें से 2370 पीड़ित कोरोना के कारण अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं. ये बात दीगर है कि कुल पॉजिटिव पाये 2,74,486 पीड़ितों में से 2,46,572 केस नेगेटिव होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हो चुके हैं. लेकिन प्रदेश में 25,544 एक्टिव केस अभी भी बने हुये हैं. रोजाना सैंकड़ों नये केस सामने आ रहे हैं. बेहताशा तरीके से फैल रही इस बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिये राज्य सरकार ने प्रदेशभर में कोरोना गाइडलाइन (Guideline) जारी कर रखी है. गाइडलाइन के बावजूद लोग इसका पालन नहीं करके स्वयं और दूसरों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं.

इस महामारी से लोगों की जान बचाने के लिये केन्द्र और राज्य सरकार ने कुछ सख्त कदम उठाये हैं. इनमें राज्य सरकार ने जहां राजस्थान एपिडेमिक अध्यादेश लागू कर रखा है वहीं समय-समय पर कोरोना गाइडलाइन जारी की जा रही है. इनकी पालना नहीं करने वालों के खिलाफ गिरफ्तारी और जुर्माने जैसे अहम कदम उठाये गये हैं. इनकी पालना नहीं करने पर राजस्थान पुलिस प्रदेशभर में अब तक 10 लाख 5 हजार लोगों का चालान कर उनसे 23 करोड़ 52 लाख रुपये से अधिक जुर्माना वसूल कर चुकी है. यह आंकड़ा कम नहीं है. यह आमजन की इनके प्रति बरती जा रही लापरवाही को दर्शाती है. ये कार्रवाइयां और जुर्माना वसूली तो महज पुलिस विभाग की है. जिला प्रशासन और स्थानीय नगर निकायों ने इनको लेकर जो कार्रवाइयां और जुर्माना वसूला वह अलग है.

कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन: पुलिस ने अब तक 10 लाख से ज्यादा चालान काटे, 23.52 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला

यह है इसकी वजह


कोरोना गाइडलाइन की पालना नहीं करने पर सरकार की ओर से की जा रही ये कार्रवाइयां इस महामारी को थामने के लिये है. राज्य के कल्याण और आमजन की सुरक्षा के मद्देनजर ये अहम कदम उठाये जा रहे हैं. इनकी पालना करना आमजन का कर्तव्य है. अकेले सरकार के भरोसे रहकर इस महामारी का मुकाबला नहीं किया जा सकता. इसमें आमजन की भागीदारी भी सुनिश्चित करनी होगी. सभी के समन्वित प्रयासों से ही इस महामारी का मुकाबला संभव होगा. सरकार संसाधन और सुविधा उपलब्ध करवा सकती है।. उनका बेहतर उपयोग आमजन को ही सोचना होगा. लिहाजा गाइडलाइन की पालना को सभी की जिम्मेदारी है.

अन्यथा यह होगा असर
गाइडलाइन की पालना नहीं करने का सबसे बड़ा असर तो इस महामारी के फैलाव के रूप में सामने आयेगा. कुछ व्यक्तियों की लापरवाही बहुत से व्यक्तियों पर भारी पड़ेगी. अभी जहां गली-गली में कोरोना पीड़ित हैं. अगर हालात को आमजन ने खुद नहीं संभाला तो वह दिन दूर नहीं जब घर-घर में कोरोना पीड़ित होंगे. अगर ऐसा हुआ तो हालात कितने भयावह होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. सरकार की दूरगामी सोच और संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ आमजन की सतर्कता के समन्वय से ही हालात को संभाला जा सकता है. दूसरी तरफ एक कड़वा सच यह भी कि अभी हमारे यहां स्वास्थ्य सेवायें इतनी सुदृढ़ नहीं कि वह बेहद बिगड़ी हुई स्थिति को संभाल सके. व्यवस्था बनी रहे और सभी सुरक्षित रहें इसके लिये ऐहतियात बेहद जरुरी है. अन्यथा सरकार को और सख्ती करनी पड़ेगी. इससे हालात ज्यादा खराब होंगे. वहीं लापरवाही से चलते आम आदमी को स्वास्थ्य के साथ-साथ अन्य आर्थिक नुकसान होना भी तय है.
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