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Rajasthan: 73 हजार निवेशकों को है 1420 करोड़ रुपयों का इंतजार, सरकार ने खड़े किये हाथ

सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना का कहना है कि मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियां केन्द्र सरकार के रजिस्ट्रार के अधीन पंजीकृत होती हैं. इन पर कार्रवाई भी केन्द्र सरकार ही कर सकती है.
सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना का कहना है कि मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियां केन्द्र सरकार के रजिस्ट्रार के अधीन पंजीकृत होती हैं. इन पर कार्रवाई भी केन्द्र सरकार ही कर सकती है.

Credit Co-operative Societies Fraud Case: इन सोसायटियों में निवेश कर चुके करीब 73 हजार पीड़ितों (Investors) को अपने 1420 करोड़ रुपयों की वापसी का इंतजार है. लेकिन राज्य सरकार ने इस मामले में हाथ खड़े कर दिये हैं.

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जयपुर. क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों (Credit Co-operative Societies) के पीड़ितों को पैसा वापस दिलवाने में राज्य सरकार लाचार साबित हो रही है. निवेशकों (Investors) को उनका पैसा वापस दिलवाने का दिलासा देकर सरकार ने पीड़ितों से क्लेम तो ले लिए, लेकिन अब कार्रवाई का अधिकार ही नहीं होने की बात कहकर राज्य सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं.

प्रदेश के लाखों लोगों के साथ मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों ने ठगी की थी. राज्य सरकार ने ठगी के शिकार पीड़ितों को उनका पैसा वापस दिलवाने का दिलासा दिया. इसके लिए बाकायदा एक पोर्टल तैयार कर पीड़ितों से क्लेम भी मांगे गए. पैसा वापस मिलने की उम्मीद में ठगी का शिकार हुए हजारों लोगों ने क्लेम किए. लेकिन अब राज्य सरकार कह रही है कि उसके पास मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों पर कार्रवाई करने का अधिकार ही नहीं है.

राज्य सरकार जांच में केवल सहयोग ही कर सकती है
सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना का कहना है कि मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियां केन्द्र सरकार के रजिस्ट्रार के अधीन पंजीकृत होती हैं. इन पर कार्रवाई भी केन्द्र सरकार ही कर सकती है. राज्य सरकार केवल इसमें सहयोग ही कर सकती है. आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के मामले में केन्द्र सरकार ने प्रशासक भी नियुक्त किया है. लेकिन सहकारिता मंत्री का कहना है कि वो काम ही नहीं कर रहे हैं. इसके चलते लोगों को उनका पैसा वापस मिलने में देरी हो रही है.
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पोर्टल पर क्लेम्स का अम्बार लग गया
सहकारिता विभाग ने जब क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के जाल में फंसकर अपना पैसा गंवाने वाले लोगों से क्लेम मांगे तो पोर्टल पर क्लेम्स का अम्बार लग गया. करीब 73 हजार पीड़ितों ने लगभग 1420 करोड़ की ठगी के दावे विभाग के पोर्टल पर पेश किए. लेकिन अब ये पीड़ित कार्रवाई के आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं. कई निवेशक तो ऐसे हैं जिन्होंने ज्यादा ब्याज के लालच में अपने जीवन की सारी कमाई इन मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के हवाले कर दी थी. अब इन निवेशकों को अपना पैसा वापस मिलने का इंतजार है.



यह है विडम्बना
मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों को लेकर एक विडम्बना यह है कि इन्हें राज्यों में कारोबार करने की तो इजाजत है लेकिन केन्द्रीय रजिस्ट्रार के यहां पंजीकृत होने के चलते राज्य सरकार इन पर कार्रवाई नहीं कर सकती. पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था. उसमें कार्रवाई का अधिकार राज्य के सहकारिता विभाग को देने का आग्रह किया गया. लेकिन इंतजार अभी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है.
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