संसद के ​गलियारे में 30 मिनट तक बैठाए गए राजस्थान के CS-DGP, खूब लगी फटकार, जानें- क्या है मामला?
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संसद के ​गलियारे में 30 मिनट तक बैठाए गए राजस्थान के CS-DGP, खूब लगी फटकार, जानें- क्या है मामला?
संसद में विशेष अधिकार हनन समिति के सामने डीजीपी और सीएस पेश हुए. PTI

राजस्थान (Rajasthan) के नागौर (Nagaur) से सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) पर हमले के मामले में राजस्थान के तीन शीर्ष नौकरशाह को फटकार लगी है.

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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) के नागौर (Nagaur) से सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) पर हमले के मामले में राजस्थान के तीन शीर्ष नौकरशाह को फटकार लगी है. मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, डीजीपी भूपेंद्र सिंह यादव, एडीजी इंटेलीजेंस उमेश मिश्रा और सीएमओ सेक्रेटरी अमित ढाका समेत अन्य अफ़सर  संसद की विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश हुए. समिति ने राजस्थान के इन तीन शीर्ष अधिकारियों को संसद के गलियारे में आधे घंटे कमरे के बाहर भी बैठाए रखा. इसके बाद उनसे बातचीत की गई.

बता दें कि नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल के काफिले पर पिछले साल 12 नवंबर को हमला हुआ था, जिसकी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं की. बेनीवाल इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास ले गए. इसकी सुनवाई के लिए ही अधिकारी दूसरी बार तलब किए गए थे.

पूर्व मुख्य सचिव भी अवमानना के दायरे में
सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट दर्ज नहीं करने को लेकर समिति ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई. डीजीपी ने गलती मानते आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर हमले की नामजद एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी. विशेष अधिकार हनन के इस मामले में पूर्व मुख्य सचिव डी बी गुप्ता भी कार्रवाई के दायरे में हैं.
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बेनीवाल के काफिले पर हुआ था हमला
गौरतलब है कि पिछले साल 12 नवंबर को बायतु में सांसद हनुमान बेनीवाल के काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें पुलिस की ओर से एफ आई आर दर्ज नहीं करने पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने विशेषधिकार हनन का प्रस्ताव शीतकालीन सत्र में पेश किया था. सांसद के प्रस्ताव को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्वीकार कर के विशेषधिकार हनन समिति को भेज दिया था. जिस पर कमेटी ने अधिकारियों को तलब किया था. मामले में पिछली बार 17 मार्च को अधिकारी विशेषाधिकार हनन समिति के सामने पेश हुए थे, जिसमें केवल मुख्य सचिव का पक्ष सुना गया था. वही बाकी अधिकारियों को अगली बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए थे.
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