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Rajasthan: भ्रष्टाचार के दलदल में धंसे दौसा और सवाई माधोपुर, कांग्रेस ने सबसे ज्यादा सीटें यहीं से जीती थी

Rajasthan: भ्रष्टाचार के दलदल में धंसे दौसा और सवाई माधोपुर, कांग्रेस ने सबसे ज्यादा सीटें यहीं से जीती थी

इस बिजनेस से होगी बंपर कमाई

इस बिजनेस से होगी बंपर कमाई

कांग्रेस की मजबूत पकड़ वाले पूर्वी राजस्थान के दो जिले दौसा और सवाई माधोपुर (Dausa and Sawai Madhopur) में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से भ्रष्टाचार (Corruption) की जद में है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने इन दो जिलों में गत दो माह में बड़ी-बड़ी मछलियों को पकड़कर सलाखों के पीछे धकेल दिया है.

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जयपुर. पूर्वी राजस्थान (East Rajasthan) के दो अहम जिले दौसा और सवाई माधोपुर (Dausa and Sawai Madhopur) में आधे दर्जन से अधिक बड़े अधिकारी भ्रष्टाचार के मामलों (Corruption cases) में गिरफ्तार हो चुके हैं. भ्रष्टाचार के अड्डे बने दोनों जिलों में पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, थानेदार, एसडीएम और डीटीओ स्तर के अधिकारी दबोचे जा चुके हैं. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को इन जिलों से परिवहन, बिजली, खनन और पुलिस सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों के खिलाफ आये दिन भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रहती हैं.

एसीबी इन दिनों इन दोनों जिलों में भ्रष्टाचार की जड़ें खोदने में लगी है. रिश्वत के मामले में पकड़े गये अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया है. फिलहाल इनके स्थान पर किसी भी अधिकारी को नई नियुक्तियां नहीं दी गई है. ये सभी अधिकारी या तो रिश्वत लेते पकड़े गये हैं या फिर भ्रष्ट तंत्र के अहम किरदार होने के कारण एसीबी की गिरफ्त में आये हैं.

पूर्वी राजस्थान से 46 में 43 सीटें जीती थी कांग्रेस ने
विधानसभा चुनाव में पूर्वी राजस्थान में कांग्रेस को बड़ी सफलता मिली थी. कांग्रेस के सबसे ज्यादा अधिक विधायक दौसा, सवाई माधोपुर, अलवर और भरतपुर से ही निर्वाचित हुये थे. पूर्वी राजस्थान में विधानसभा की 46 सीट हैं. इनमें से कांग्रेस ने 43 सीट जीती थी. इन जिलों के विधायकों की सत्ता में पकड़ बेहद मजबूत है. राज्य सरकार ने जनप्रतिनिधियों की डिजायर के आधार पर ही जिलों में अफसर तैनात किये हैं. पायलट और गहलोत के बीच चल रही सियासी उठापटक के कारण पूर्वी राजस्थान के विधायकों को राज्य सरकार नाराज भी करना नहीं चाहती है.

ये रहे भ्रष्टाचार के बड़े किरदार
– एंटी करप्शन डे पर एसीबी ने सवाई माधोपुर में तैनात अपने ही एक सीनियर ऑफिसर भैंरुलाल मीणा को 80 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था. भैरूलाल मीणा एसीबी के एएसपी थे. जयपुर एसीबी की टीम ने सवाईमाधोपुर में यह कार्रवाई की. खास बात ये है कि ट्रैप होने से पहले रिश्वत लेने का आरोपी राजस्थान पुलिस सेवा का अधिकारी भैंरुलाल खुद एंटी करप्शन डे के कार्यक्रम को संबोधित करके स्टाफ को ईमानदारी का पाठ पढ़ाकर आया था.
– उसके बाद एसीबी ने रिश्वत के मामले में दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल और इसी जिले की बांदीकुई एसडीएम पिंकी मीणा गिरफ्तार कर लिया. इनमें पुष्कर मित्तल को हाईवे निर्माण कंपनी से 5 लाख की रिश्वत लेते और पिंकी मीणा को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
– उसके बाद एसीबी ने दौसा में नीरज मीणा नाम के एक दलाल को पकड़ा था. वह दौसा के पूर्व एसपी मनीष अग्रवाल के नाम पर हाईवे निर्माण कंपनी के अधिकारियों को धमकाकर वसूली कर रहा था.
– उसके बाद एसीबी ने दौसा के पूर्व एसपी मनीष अग्रवाल को रिश्वत केस में गिरफ्तार किया.
– इसके एक महीने बाद 11 फरवरी को ऐसीबी ने दौसा के मंडावर थाने के थानाप्रभारी लाल सिंह और हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह को 20,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है.

राजनीतिक संरक्षण का आरोप
उसके बाद यह मामला अब विधानसभा में काफी उछला है. उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा पर भ्रष्ट अफसरों की पैरवी करने का आरोप लगाया है. विधानसभा में राजेंद्र राठौड़ ने आरोप लगाया की परसादी लाल मीणा की सिफारिश पर ही मनीष अग्रवाल को दौसा में पोस्टिंग दी गई थी. हालांकि उद्योग मंत्री ने राजेंद्र राठौड़ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.

Tags: Anti corruption bureau, Congress, Corrupt police, Corruption news

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