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पुलिस के लिए मौत बनी पहेली, 'चेतन तांत्रिक मारा गया पद्मावती'

पुलिस के लिए मौत बनी पहेली, 'चेतन तांत्रिक मारा गया पद्मावती'

File Photo

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चेतन की हत्या या आत्महत्या, क्या सरोकार है चेतन की मौत का फिल्म पद्मावती के विरोध के बंवडर से. जयपुर पुलिस के लिए चेतन की मौत पहेली बन गई.

    किसने मारा चेतन कुमार सैनी को, क्या मकसद था हत्या के बाद शव को नाहरगढ़ के किले की दीवार से लटकाने का, क्यों लिखा था पत्थरों पर कि चेतन तांत्रिक मारा गया पद्मावती, क्यों लिखा था कि पद्मावती का विरोध करने वालों हम किले पर सिर्फ पुतले नहीं लटकाते हैं, क्या ये हत्यारे ने लिखा या फिर खुद चेतन ने, और खुद ही लटक गया था फंदा बनाकर किले की दीवार से. चेतन की हत्या या आत्महत्या, क्या सरोकार है चेतन की मौत का फिल्म पद्मावती के विरोध के बंवडर से. जयपुर पुलिस के लिए चेतन की मौत पहेली बन गई.

    चेतन पेशे से एक अदना सा जौहरी था. जयपुर में इस किले के पास ही नाहरी का नाका इलाके में रहता था. गुरुवार शाम पांच बजे घर से निकला रात साढ़े नौ बजे आने का कहकर लेकिन फिर लौटा नहीं. शुक्रवार सुबह उसका शव दीवार से लटका पूरे शहर ने देखा. चेतन का शव दीवार से मुश्किल से खींचकर निकाला तो उसकी जेब से एक मोबाइल निकला. जिसमें कई सेल्फी थी. ढ़लते सूरज के साथ एक पर्ची थी. जिसमें 4 लाख 90 हजार रुपए लिखे थे और एक शख्स का नाम.

    लेकिन जिस वजह से चेतन की मौत सनसनी बन गई, वे थी पत्थरों पर लिखे शब्द. जिस जगह शव लटका था उसके ही पास पत्थरों पर कोयले से लिखे गए थे. पूरी लिखावट का संबध पद्मावती फिल्म के विवाद से जुड़ा है. इतना ही नहीं लिखने वाला पद्मावती की कहानी से पूरी तरह वाकिफ था. विरोध की वजह से भी चितौड़गढ़ किले के गेट पर संजय लीला भंसाली, दीपिका और सलमान के तीन पुतले पद्मावती के विरोध में करणी सेना ने लटका रखे है. इसी को निशाना बनाते हुए एक पत्थर पर लिखा- ‘हम सिर्फ पुतले नहीं लटकाते हैं, हम में है दम.’ इशारा साफ है- दूसरे पत्थर पर लिखा कि चेतन तांत्रिक मारा गया.

    बता दें, अलाउद्दीन खिलजी को पद्मावती की सुंदरता का बखान कर पाने के लिए चितौड़ पर आक्रमण करने के लिए उकसाने वाला राघव चेतन ही था और वो तांत्रिक भी था. अब सवाल ये कि चेतन की मौत का तांत्रिक चेतन से क्या सरोकार, एक पर लिखा था लुटेरा नहीं अलाउद्दीन, हर काफिर को मारेंगे, हर पत्थर के शब्द कह रहे थे कि लिखने वाला पद्मावती फिल्म के विरोध से गुस्से में है या था.

    अगर चेतन की हत्या की तो फिर चेतन का शव हत्यारे ने किले की दीवार से क्यों लटकाया. क्या उसके इरादे खौफनाक थे, क्योंकि सिर्फ उसी जगह से लटके शव को शहर में नीचे के इलाके से देखा जा सकता है. यानी सुबह जब शहर नींद से उठे तो किले की दीवार पर लटका शव देखकर दहल जाए. नाहरगढ़ किला उसी जयगढ़ किले की बगल में है, जहां पर पद्मावती फिल्म की शूटिंग के दौरान करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली की पिटाई की और सेट तोड़ा था. तो क्या ये माना जाए कि हत्यारे इस खौफनाक मर्डर के जरिए कोई मैसेज देना चाहते थे. इस किले की दीवार या आसपास शहर के युवा अकसर एक दूसरे छोटे रास्ते से जाते हैं और पार्टी करते हैं.

    चेतन के परिवार का आरोप है कि खुदकुशी नहीं की उसकी हत्या की गई. पुलिस हत्या से लेकर आत्महत्या और साजिश सभी पहुलुओं की जांच कर रही है, लेकिन निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है. पुलिस अब चेतन की लिखावट और पत्थरों पर लिखे शब्दों की लिखावट का फोरेसिंक से मिलान करवा रही है. जिससे ये साफ हो कि ये शब्द चेतन ने लिखे या फिर किसी और ने. रस्सी खरीदने वाले दुकान की तलाशी जा रही है और साथियों को भी.

    Tags: Sanjay leela bhansali

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