राजस्थान: कोरोना का घातक वार, 22 फीसदी ऑक्सीजन बेड बचे, सप्लाई के लिए टैंकरों का टोटा

  (सांकेतिक तस्‍वीर)

(सांकेतिक तस्‍वीर)

Deadly attack of Covid-19 in rajasthan : राजस्थान में कोरोना संक्रमण के बढ़ने के साथ ही इसके इलाज का प्रबंधन अब लड़खड़ाने लग गया है. हालात ये हैं कि ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिये टैंकर्स का टोटा पड़ गया है.

  • Share this:
हरीश मलिक

जयपुर. प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर (COVID-19) कहर बरपा रही है. संक्रमित मरीजों की लगातार संख्या बढ़ने से अस्पतालों में इंतजाम लड़खड़ाने लगे हैं. हालात यह है कि 80 फीसदी वेंटिलेटर (Ventilator), 78 फीसदी ऑक्सीजन (Oxygen) और आईसीयू बेड फुल (ICU Bed Full) हैं. सांसों को ऑक्सीजन की आस मिलने में मुश्किलें है आ रही हैं. ऑक्सीजन है, लेकिन उसे सप्लाई करने के लिए टैंकर (Tanker) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं. इससे सुदूर जिलों में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में सप्लाई नहीं हो पा रही है.

स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर रघु शर्मा की ओर से केंद्र को चिट्ठी लिखने के बाद राजस्थान को ऑक्सीजन की सप्लाई तो मिलने लगी है, लेकिन इसे अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए राज्य के पास टैंकरों का अभाव है. केंद्र से प्रतिदिन 140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित हो रही है लेकिन सप्लाई सिर्फ 90 मीट्रिक टन ही हो पा रही है.

प्राणवायु सप्लाई करने के लिए टैंकरों की कमी
दरअसल 140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन में से 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन भिवाड़ी से और 40 मीट्रिक टन जामनगर से आनी है. भिवाड़ी में 20 अतिरिक्त टैंकरों की आवश्यकता है. जामनगर से हर दिन 40 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लाने के लिए 10 से 15 टैंकरों की आवश्यकता है जबकि उपलब्ध सिर्फ दो ही हैं.

ऑक्सीजन टैंकरों के लिए 6 राज्यों को लिखी चिट्ठी

प्रदेश को ऑक्सीजन सप्लाई करने के लिए कम से कम 40 टैंकरों की आवश्यकता है लेकिन फिलहाल 13 टैंकर ही उपलब्ध हैं. हालांकि प्रदेश में 23 टैंकर पंजीकृत हैं लेकिन 10 टैंकरों के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है. राजस्थान ने टैंकरों के लिए 6 राज्यों को चिट्ठी भेजी है. इन राज्यों में काफी संख्या में टैंकर पंजीकृत हैं. इनमें से झारखंड में 262, हरियाणा में 156, तमिलनाडु में 450, गुजरात में 296, यूपी में 100 और महाराष्ट्र में 388 ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले टैंकर पंजीकृत हैं.



कई जिलों में एक भी वेंटिलेटर बेड खाली नहीं

प्रदेश में लगातार कोरोना संक्रमित मरीज 15000 से ज्यादा आ रहे हैं. इसके चलते वेंटिलेटर, आईसीयू और ऑक्सीजन की मारामारी हो रही है. राजधानी जयपुर का यह हाल है कि यहां गत 5 दिन से रोजाना 3000 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं. इसके चलते यहां 87 फीसदी वेंटिलेटर भर चुके हैं. उदयपुर, चूरू, भीलवाड़ा और राजसमंद में तो एक भी वेंटिलेटर खाली नहीं है. बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, चूरू, धौलपुर और प्रतापगढ़ के कोविड अस्पतालों में आईसीयू ऑक्सीजन बेड ही खाली नहीं है.

जामनगर से राजस्थान तक ऑक्सीजन एक्सप्रेस चले

मुख्य सचिव निरंजन आर्य के मुताबिक केंद्र सरकार ने राज्यों में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन किया है. राजस्थान में भी ऐसी ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन की आवश्यकता है. हमने जामनगर से अजमेर या फिर मारवाड़ जंक्शन तक ट्रेन चलाने के लिए कहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज