BSP से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों के लिए बड़ा दिन, आज होगा भाग्य का फैसला
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BSP से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों के लिए बड़ा दिन, आज होगा भाग्य का फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट आज यह फैसला सुनाएगा कि बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय सही है या नहीं,

राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) में बीजेपी विधायक (BJP MLA) मदन दिलावर और बसपा ने याचिका लगाकर विधानसभा अध्यक्ष के 18 सितम्बर 2019 के फैसले को चुनौती दी थी,जिस पर कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा.

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  • Last Updated: August 24, 2020, 12:03 AM IST
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जयपुर. बसपा (BSP) से कांग्रेस (Congress) में शामिल हुए 6 विधायकों (MLAs) के भाग्य का फैसला सोमवार को हो जाएगा. राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) के जस्टिस महेंद्र गोयल के एकलपीठ को इस मामले में फैसला सुनाना है. अदालत ने 14 अगस्त को मामले में सुनवाई पूरी करते हुए फैसला लिखवाना शुरू कर दिया था, लेकिन समयाभाव के कारण फैसला पूरा नहीं लिखवाया जा सका. आज अदालत मामले में फैसले को पूरा लिखवाकर अपना जजमेंट देगी. दरअसल हाईकोर्ट में बसपा और बीजेपी विधायक (BJP MLA) मदन दिलावर ने याचिका लगाकर विधानसभा अध्यक्ष के 18 सितम्बर 2019 के फैसले को चुनौती दी थी. जिस पर कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा.

सभी पक्ष जुड़ेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए

कोविड-19 के चलते हाईकोर्ट में सोमवार से केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही सुनवाई होगी. किसी भी अधिवक्ता को कोर्ट में फिजिकली पैरवी करने की अनुमति नहीं है. ऐसे में इस केस से जुड़े सभी अधिवक्ता अदालत से वर्चुअली जुड़ेंगे. मामले में कल स्पीकर, बसपा, मदन दिलावर, कांग्रेस और बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए सभी 6 विधायकों के अधिवक्ता वर्चुअली उपस्थित रह सकते हैं.



करीब 1 घंटे 22 मिनट तक लिखवाया था फैसला
इससे पहले 14 अगस्त को जस्टिस महेंद्र गोयल की अदालत ने सुबह 10:30 बजे मामले की सुनवाई शुरू की थी. वह शाम 3 बजकर 18 मिनट तक चली. उसके बाद जस्टिस गोयल ने सभी पक्षों की बहस को शामिल करते हुए फैसला लिखवाना शुरू किया, लेकिन 1 घंटे 22 मिनट तक लगातार फैसला लिखवाने के बाद समयाभाव के कारण कोर्ट ने 17 अगस्त तक के लिए सुनवाई टाल दी थी. उसके बाद हाईकोर्ट में कोरोना के मामले मिलने से पिछले सप्ताह अदालत में सुनवाई पूरी तरह से स्थगित कर दी गई थी. जिसके कारण 17 अगस्त को फैसला नहीं आ सका.

ये है पूरा मामला

बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे 6 विधायकों ने 16 सितंबर 2019 को स्पीकर सीपी जोशी के सामने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के लिए एक प्रार्थना पत्र पेश किया. जिसे स्वीकार करते हुए स्पीकर ने 18 सितम्बर 2019 को विलय को मंजूरी दे दी. इस विलय को बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलवार की ओर से हाईकोर्ट के एकलपीठ के समक्ष चुनौती दी गई. जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने 30 जुलाई को स्पीकर सहित 6 विधायकों को नोटिस जारी कर दिया. लेकिन याचिकाकर्ताओ ने यह कहते हुए मामले को खंटपीठ में चुनौती दे दी कि एकलपीठ ने विलय पर स्टे नहीं दिया.
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