राजस्थान: 8 शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिए निर्देश

राजस्थान के आठ शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया. अशोक गहलोत सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए निर्णय लिया है.

राजस्थान के आठ शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया. अशोक गहलोत सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए निर्णय लिया है.

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर की आशंका को देखते हुए लिया निर्णय लिया. जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, सागवाड़ा और कुशलगढ़ में नाइट कर्फ्यू, रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा.

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  • Last Updated: March 21, 2021, 6:23 PM IST
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जयपुर. देश-प्रदेश में कोरोना का एक साल पूरा होने पर टेरर एक बार फिर से लौट आया है। कोरोना के बढते मामलों के मद्देनजर राज्य सरकार को एक बार फिर से लोगों पर कई तरह की बंदिशें लगानी पड़ी हैं. सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए प्रदेश के 8 शहरों में नाइट कर्फ्यू  (Night curfew in 8 cities of Rajasthan) लगाने का निर्णय लिया है. साथ ही दूसरे राज्यों से आने वालों लोगों के लिए कोरोना की RTPCR रिपोर्ट दिखाना जरूरी होगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) ने निर्देश दे दिए हैं.

8 शहरों में रात 11 बजे के बाद नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया गया है. 22 मार्च से जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, सागवाड़ा और कुशलगढ़ में नाइट कर्फ्यू, रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा. बाजार रात 10 बजे तक ही खुले रहेंगे. कोरोना की दूसरी लहर की आशंका के मद्देनजर निर्देश.

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CM अशोक गहलोत ने आज मुख्यमंत्री निवास पर चिकित्सा मंत्री और अधिकारियों के साथ चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं. प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में जहां एक बार फिर से नाइट कर्फ्यू लगाना पड़ा है. वहीं बाहर से आने वाले सभी लोगों के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट भी अनिवार्य की गई है. और भी कई महत्वपूर्ण निर्णय बैठक में किए गए हैं.
त्यौहार घर पर ही मनाने की अपील

एक लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में खुले स्थानों पर होने वाले सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आदि सार्वजनिक कार्यक्रमों में अधिकतम 200 व्यक्तियों की सीलिंग रहेगी. सीएम गहलोत ने अपील की है कि धार्मिक स्थलों पर होने वाले उत्सवों, त्यौहारों और मेलों आदि में प्रबंध समितियां ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था कराएं. उन्होंने आम लोगों से भी परिवार सहित घर में ही दर्शन की अपील की है.

सीएम ने संक्रमण का फैलाव रोकने की दृष्टि से होली-धुलेण्डी सहित आगामी सभी त्यौहारों पर भीड़-भाड़ से बचने की अपील की है. उन्होंने कहा कि परिवार सहित त्यौहार घर पर ही मनाए और कोविड प्रोटोकॉल की पालना निरन्तर करें. सीएम गहलोत ने धार्मिक ट्रस्टों, प्रबंध समितियों और स्वयंसेवी संगठनों से भी अपील की है कि वे दर्शन करने वालों को के लिए मास्क और सेनेटाइजिंग आदि की व्यवस्था करें।



राज्य सरकार ने लिए ये बड़े निर्णय



  • राज्य के सभी नगरीय निकायों में 22 मार्च से रात्रि 10 बजे के बाद बाजार बंद रहेंगे.


  • अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, सागवाड़ा और कुशलगढ़ में रात 11 से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा.


  • आगामी 25 मार्च से राजस्थान में बाहर से आने वाले सभी यात्रियों के लिए 72 घंटे के भीतर की आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य.


  • एयरपोर्ट, बस स्टैण्ड ,रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की जांच की जायेगी.


  • जो यात्री नेगेटिव रिपोर्ट के बिना आएंगे उन्हें 15 दिन के लिए क्वारंटीन रहना होगा.


  • सभी जिला कलक्टर अपने जिलों में संस्थागत क्वारेंटीन की व्यवस्था भी फिर से शुरु करेंगे.


  • कार्यालयों में कार्मिकों को कार्य की आवश्यकता के अनुरूप ही बुलाया जाएगा.


  • नाइट कर्फ्यू की बाध्यता उन फैक्ट्रियों पर लागू नहीं होगी जिनमें निरंतर उत्पादन होता है और रात्रिकालीन शिफ्ट की व्यवस्था है.


  • आईटी कंपनियां, रेस्टोरेंट, कैमिस्ट शॉप, अनिवार्य एवं आपातकालीन सेवाओं से संबंधित कार्यालय नाइट कर्फ्यू से मुक्त.


  • विवाह संबंधी समारोह, चिकित्सा संस्थान, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन एवं एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्री नाइट कर्फ्यू से मुक्त.


  • माल परिवहन करने वाले वाहन, लोडिंग एवं अनलोडिंग के नियोजित व्यक्ति भी नाइट कर्फ्यू से मुक्त रहेंगे.


  • मास्किंग, सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजिंग की पालना नहीं करने वाले संस्थान सीज होंगे.


  • मिनी कंटेंनमेंट जोन की व्यवस्था फिर से लागू होगी.


  • जहां भी पांच से अधिक पॉजिटिव केस सामने आएंगे वहां क्लस्टर या अपार्टमेंट को कंटेंनमेंट जोन घोषित किया जाएगा.


  • बीट कांस्टेबल की निगरानी में कंटेनमेंट की सख्ती से पालना कराई जाएगी.


  • प्राथमिक स्कूल आगामी आदेश तक बंद रहेंगे.


  • पांचवी सेऊपर की कक्षाओं एवं कॉलेजों में कोविड प्रोटोकॉल की पालना के साथ शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होंगी.


  • अभिभावकों की लिखित सहमति से ही बच्चे शिक्षण संस्थानों में आ सकेंगे.


  • कक्षा में 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी उपस्थित नहीं हो सकेंगे.


  • विवाह समारोह में 200 और अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति होगी.


  • प्रशासन के मांगने पर विवाह समारोह से संबंधित वीडियोग्राफी उपलब्ध करानी होगी.


  • बंद स्थानों पर होने वाले अन्य समारोह में भी हॉल क्षमता की 50 प्रतिशत क्षमता तक अधिकतम 200 लोगों के लिए ही अनुमति.


  • आयोजन के लिए प्रशासन को पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा.



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