होम /न्यूज /राजस्थान /Dussehra 2022: जयपुर में रावण के पुतलों की बढ़ी डिमांड, 2 साल बाद एक बार फिर गुलजार हुआ बाजार

Dussehra 2022: जयपुर में रावण के पुतलों की बढ़ी डिमांड, 2 साल बाद एक बार फिर गुलजार हुआ बाजार

Jaipur News: बाजार में डिमांड को देखते हुए सभी कारीगर एडवांस में रावण के पुतले बना रहे है.

Jaipur News: बाजार में डिमांड को देखते हुए सभी कारीगर एडवांस में रावण के पुतले बना रहे है.

Jaipur News: महंगाई का असर इस वर्ष रावण के पुतले पर भी पड़ा है. कच्चा माल महंगा होने के कारण कीमतें भी करीब दोगुनी हो गई ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- लोकेश ओला

जयपुर. हिंदू पंचांग के अनुसार अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हर साल दशहरा मनाया जाता है. इसी कड़ी में कोरोना संक्रमण के दो वर्ष बाद त्योहारों की रौनक पहले जैसी लौटने लगी है. इस वर्ष होली के बाद से ही त्योहारों का उत्साह बढ़ गया है. रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी, नवरात्र स्थापना का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. अब दशहरे को लेकर उत्साह लोगों में देखा जा रहा है. बाजारों में खरीदारी का दौर चल रहा है. वहीं जयपुर के रावण मंडी में रावण बनने का काम जोरो पर चल रहा है. अनुमान है कि इस बार जयपुर में रावण के पुतलों का कारोबार 5 करोड़ तक जाएगा. शहर के एक दर्जन रावण मंडियों में हजारों रावण बनाए जा रहे है. जिनकी ऊंचाई 1 फिट से लेकर 100 फिट तक है. बाजार में रावण की कीमत 300 रुपये से शुरू होकर 1 लाख रुपये तक के रावण उपलब्ध है.

बता दें कि जयपुर में बीते 1 माह से रावण बनाने का काम चल रहा है. कोरोना संक्रमण के चलते दो वर्षों तक दशहरे मेलों पर प्रतिबंध रहने के कारण बाजार में रावण बनाने का काम ठप रहा. इस बार राजस्थान में सभी तरह की पाबंदियां हटाने के बाद से बाजारों में रौनक लौटी है. रावण पुतला व्यापार संघ का दावा है कि जयपुर में रावण के पुतले की डिमांड को देखते हुए इस वर्ष करीब 5 करोड़ का कारोबार होगा.

रावण के बारे में कहा जाता है कि वह बहुत ज्ञानी व्यक्ति था, लेकिन उसके अहंकार की वजह से उसका अंत हुआ.

रावण के बारे में कहा जाता है कि वह बहुत ज्ञानी व्यक्ति था, लेकिन उसके अहंकार की वजह से उसका अंत हुआ.

संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश महाराज ने बताया कि प्रदेश में इस बार रावण दहन के लिए रावण के पुतले की डिमांड बढ़ी है. बाजार में डिमांड को देखते हुए सभी कारीगर एडवांस में रावण के पुतले बना रहे है.

उन्होंने कहा कि दो वर्षों तक रावण दहन नहीं होने के कारण कारीगरों की लागत तक नहीं आई थी. इस बार महंगाई अधिक होने के कारण पुतले बनाने की लागत अधिक आई है. जिससे कीमतें भी बढ़ी है. हालांकि कई मंदिरों और परंपरागत स्थानों पर रावण दहन की अनुमति नहीं मिलने के कारण कारीगरों को नुकसान भी हो रहा है.

जानें रावण के पुतलों की ऊंचाई
जयपुर में कारीगर डिमांड के अनुसार अलग अलग ऊंचाई के पुतले बना रहे है. जहां 1 फिट से लेकर 100 फिट के रावण बनाए जा रहे है. पुतला बनने वाले कारीगर बालूराम ने बताया कि रावण की ऊंचाई सामान्यतः 10 से 30 फिट रखी जा रही है. इसी ऊंचाई के रावण अधिक बिकते है. लेकिन बच्चों की डिमांड होने पर परिजन 1 फिट से 5 फिट के रावण भी लेकर जाते है. 30 फिट से अधिक ऊंचाई के रावण डिमांड के अनुसार बनाए जा रहे है. इस वर्ष पिछले दो वर्षों के मुकाबले अधिक डिमांड आई है. उन्होंने बताया की पिछले 35 वर्षों से परिवार सहित सभी लोग रावण बनाकर बेचने के लिए जयपुर आते रहे है. इस वर्ष सबसे अधिक डिमांड देखी गई है.

बाजार में 1 लाख रुपये तक के रावण
महंगाई का असर इस वर्ष रावण के पुतले पर भी पड़ा है. कच्चा माल महंगा होने के कारण कीमतें भी करीब दोगुनी हो गई है. रावण बनाने वाले सोहन लाल ने बताया कि रावण बनाने के लिए बांस 500 रुपये का मिल रहा है. कागज 40 रुपये किलो मिल रहे है. इसके अलावा अन्य सामान की कीमतें भी 30 फीसदी बढ़ गई है. जिसके कारण रावण के दाम बढ़ाए है.

जयपुर में इस कीमत के रावण बाजार में उपलब्ध है.

ऊंचाई – कीमत
1 फिट – 300 रुपये
5 फिट – 800 रुपये
10 फिट – 3 हजार
20 फिट – 6 हजार
50 फिट – 70 हजार
100 फिट – 1 लाख से अधिक

Tags: Durga Puja festival, Jaipur news, Navratri festival, Rajasthan news, Ravana Dahan, Ravana Dahan Story

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें