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राजस्थान विधानसभा में क्या हुआ? पढ़ें-हंगामा और वेल में कागज फाड़ने का पूरा घटनाक्रम
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Goverdhan Chaudhary | News18 Rajasthan
Updated: February 12, 2020, 2:19 PM IST
राजस्थान विधानसभा में क्या हुआ? पढ़ें-हंगामा और वेल में कागज फाड़ने का पूरा घटनाक्रम
डॉ. सीपी जोशी ने कहा, मैं खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहा हूं.

राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Vidhan Sabha) में हंगामा और वेल में कागज फाड़ने पर अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी (Dr CP Joshi) ने कहा, मैं खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहा हूं.

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जयपुर. विधानसभा (Rajasthan Vidhan Sabha) में बुधवार को विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों के आचरण पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने गंभीर टिप्पणी करते हुए यहां तक कह दिया कि 'मैं खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहा हूं'. विधानसभा अध्यक्ष की इस गंभीर टिप्पणी से विधायकों के सदन में आचरण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी दखल देना पड़ा. विधानसभा में हंगामे की शुरुआत प्रश्नकाल के दौरान उस समय हुई जब कोटा अस्पतालन में बच्चों की मौत से जुड़ा सवाल उठा, उस दौरान भाजपा विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी. उस समय सत्तापक्ष के विधायकों ने राजेंद्र राठौड़ के स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए मैं शर्मिंदा हूं वाले बयान के अखबार की कतरन सदन में लहराई. उसी वक्त नीमकाथाना से कांग्रेस के विधायक सुरेश मोदी नारेबाजी कर रहे भाजपा विधायकों के पास पहुंच गए और उन्होंने वहीं कतरन उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ को दिखाई. जिसे भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी ने फाड़कर संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल के पास फेंक दिया. थोड़ी देर के लिए मामला शांत हो गया लेकिन शून्यकाल शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने यह मामला उठाया.

शून्यकाल में फिर उठा मुद्दा, फिर बोले स्पीकर
शून्यकाल शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने फिर मामला उठाया. कटारिया ने कहा, जिस तरह एक विधायक विपक्ष के पास पेपर लेकर वेल में आए उससे भविष्य में आपस में भिड़ंत हो गई तो सदन की गरिमा तार-तार हो सकती है. इसके बाद अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह आज सदन में अरचरण हुआ है वह गरिमा के अनुरुप नहीं है, जिस तरह नीमकाथाना विधायक वेल में आए यह सही परंपरा नही हैं. इस पर संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा, यह भी नहीं हो कि जो कागज दिया जाए उसे फाड़ दिया जाए, फटे कागज के टुकड़े अब भी पड़े हैं, केवल हमें ही प्रताड़ित नहीं किया जाए. इस पर अध्यक्ष ने कहा, न मैं आपको न विपक्ष को प्रताड़ित कर रहा हूं, मैं तो खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहा हूं.

CM गहलोत को देना पड़ा दखल

अध्यक्ष की इस गंभीर टिप्पणी के बाद सीएम अशोक गहलोत ने सीएम अशोक गहलोत ने इस दखल देते हुए कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सदन में अध्यक्ष खुद को प्रताड़ित महसूस करे. हमें सदन की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए. विपक्ष की असहमति का हम सबको सम्मन करना चाहिए, लेकिन केवल राजनीति के लिए मुद्दा न हों दोनों पक्ष सदन की गरिमा का ध्यान रखें.

यह पहली बार नहीं है कि विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों के आचरण पर सवाल उठाए हों, विधानसभा में वेल में आकर हंगामा करने और अध्यक्ष के निर्देशों की अवहेलना करना विधायकों में एक तरह की प्रवृतित्त बन चुकी है. विधानसभा अध्यक्ष की गंभीर टिप्पणी इसकी तरफ इशारा करती है कि सदन में विधायक गरिमा के अनुकूल आचरण नहीं कर रहे. उम्मीद की जानी चाहिए कि अध्यक्ष की गंभीर टिप्पणी के बाद विधायक कुछ सबक लेंगे.

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First published: February 12, 2020, 2:19 PM IST
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