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ऊर्जा के उपभोग में तीसरे नंबर पर है भारतः धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान ने किया 'एनर्जी थ्रू सिनर्जी' कॉन्फ्रेस का शुभारम्भ.
धर्मेंद्र प्रधान ने किया 'एनर्जी थ्रू सिनर्जी' कॉन्फ्रेस का शुभारम्भ.

केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर जयपुर पहुंचे. जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी सभागार में धर्मेंद्र प्रधान ने सोसाइटी ऑफ पेट्रोलियम जियोफिजिस्ट्स द्वारा आयोजित की जा रही तीन दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेस का शुभारम्भ किया.

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केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर जयपुर पहुंचे. जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी सभागार में धर्मेंद्र प्रधान ने सोसाइटी ऑफ पेट्रोलियम जियोफिजिस्ट्स द्वारा आयोजित की जा रही तीन दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेस का शुभारम्भ किया.

सोसाइटी की सिल्वर जुबली पर आयोजित 12वीं कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के वैज्ञानिक और इंजीनियर्स हिस्सा ले रहे हैं. इस कार्यक्रम की थीम 'एनर्जी थ्रू सिनर्जी' रखी गई है. कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में मशहूर परमाणु वैज्ञानिक और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल काकोडकर विशिष्ठ अतिथि रहे, जबकि ओएनजीसी के सीएमडी शशिशंकर समेत अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर मौजूद रहे.

कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुये मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि भारत एनर्जी के उपभोग में दुनिया में तीसरे नम्बर पर है और वैज्ञानिकों के प्रयासों से ईएमपी इंडस्ट्री आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार है और अब एनर्जी थ्रू सिनर्जी का समय आ गया है.



धर्मेन्द्र प्रधान ने यह भी कहा कि हमें इनपुट डिपेंडेंसी 10 प्रतिशत तक कम करनी होगी और इसका लाभ हमें समाज से जुड़े दूसरे सेक्टर्स में मिलेगा. उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार ने केन्द्र में कार्यभार संभाला था तब इस इंडस्ट्री से देश का रेवेन्यू कलेक्शन 1 लाख करोड़ था, जो कि अब बढकर 2 लाख करोड़ हो चुका है.
प्रधान ने यह भी कहा कि इंडस्ट्री की ग्रोथ नापने के लिये हमें डाटा असेसमेंट करना पड़ेगा. कॉन्फ्रेस को सम्बोधित करते हुये अनिल काकोडकर ने कहा कि हमें एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना चाहिये, जिससे देश और समाज आगे बढ़ सके. उन्होंने कहा कि डिसीजन मेकिंग हमारी इंडस्ट्री का सबसे महत्वपूर्ण पार्ट है और नॉलेज बेस्ड डिसीजन लिए जाने चाहिए.
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