राजस्थान में लाइम स्टोन के 716 मीलियन टन के नये भंडार की खोज, निवेश और रोजगार बढ़ेगा

झुंझुनूं में 2.88 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के गोथरा-परसरामपुरा वेस्ट ब्लॉक से लाइमस्टोन के भंडार खोजे गए हैं.
झुंझुनूं में 2.88 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के गोथरा-परसरामपुरा वेस्ट ब्लॉक से लाइमस्टोन के भंडार खोजे गए हैं.

राजस्थान में बड़ी मात्रा में सीमेंट ग्रेड लाइन स्टोन (Cement grade lime stone) की खोज की गई है. इससे प्रदेश में निवेश और रोजगार (Investment and employment) बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

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जयपुर. राज्य के खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने जैसलमेर, नागौर और झुन्झुनू में सीमेंट ग्रेड लाइम स्टोन (Cement grade lime stone) के 15.30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 716 मीलियन टन भण्डार की खोज कर चार ब्लॉक (Four blocks) विकसित किए हैं. खान व पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया के अनुसार इससे प्रदेश में बड़ी मात्रा में लाइम स्टोन का खनन होने के साथ ही सीमेंट क्षेत्र में बड़ा निवेश (Big investment) होगा. वहीं प्रदेश में राजस्व बढ़ेगा और रोजगार के बेहतर अवसर विकसित होंगे.

चारों लाइम स्टोन ब्लॉक्स प्रधान खनिज की श्रेणी के हैं
खान मंत्री भाया ने बताया कि चारों लाइम स्टोन ब्लॉक्स प्रधान खनिज की श्रेणी के हैं. राज्य में खनिज संपदा के विपुल भण्डार उपलब्ध हैं. खान व भू-विज्ञान विभाग द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार इन चारों ब्लॉकों में एक मोटे अनुमान के अनुसार सीमेंट ग्रेड लाइम स्टोन के 716 मीलियम टन के भण्डार होने का आंकलन है. लाइम स्टोन के इन चारों ब्लॉकों की जल्दी ही भारत सरकार द्वारा प्रधान खनिजों के नीलामी के ऑनलाइन पोर्टल एमएसटीसी पर ई-नीलामी की जाएगी. इस नीलामी में देश-दुनिया में कहीं से भी कोई भी व्यक्ति के हिस्सा लेने की संभावना को देखते हुए प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर ऑक्शन होगा और देश-विदेशी निवेशक हिस्सा ले सकेंगे.

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प्रदेश को अधिक राजस्व प्राप्त हो सकेगा


लाइम स्टोन के इतने बड़े भण्डार मिलने से प्रदेश में सीमेंट उद्योग में और अधिक निवेश होगा और इससे स्थानीय स्तर पर भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे. प्रदेश में नई सीमेंट इण्डस्ट्री के आने या पहले से काम कर रही सीमेंट कंपनियों द्वारा निवेश बढ़ाकर नए प्लांट लगाकर काम किया जा सकेगा. इसके साथ ही इन क्षेत्रों के समग्र विकास की राह खुलेगी. खान एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चारों ब्लॉकों की ई-नीलामी की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है. नीलामी की पारदर्शी और निष्पक्ष ई-ऑक्शन व्यवस्था से प्रतिस्पर्धात्मक राशि प्राप्त होने की संभावना है. वहीं देश-विदेश के निवेशकों के हिस्सा लेने से प्रदेश को अधिक राजस्व प्राप्त हो सकेगा.
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