थोड़ी खुशी, थोड़ा गम: 25 फीसदी ही नगद मिलेगा दीवाली बोनस, 75 प्रतिशत GPF में जमा होगा

अब वित्त विभाग बोनस देने के आधिकारिक आदेश जारी करेगा.
अब वित्त विभाग बोनस देने के आधिकारिक आदेश जारी करेगा.

Diwali Bonus: प्रदेश के 7.5 लाख कर्मचारियों को राज्य की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) दीवाली बोनस दे जरुर ही है, लेकिन इसका 25 फीसदी हिस्सा ही उन्हें नगद दिया जायेगा. शेष 75 फीसदी राशि उनके जीपीएफ में जमा की जायेगी.

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जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के करीब 7.5 लाख गैर राजपत्रित कर्मचारियों को दीपावली पर बोनस (Diwali bonus) देने की घोषणा की है. इससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है. लेकिन सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की यह घोषणा इन कर्मचारियों के लिये थोड़ी खुशी और थोड़े गम वाली है. इसकी वजह है इस बोनस को देने का तरीका. प्रदेश के 7.30 लाख कर्मचारियों को बोनस तो मिलेगा, लेकिन यह नगद केवल 25 फीसदी ही दिया जायेगा. बोनस का 75 फीसदी हिस्सा कर्मचारी के जीपीएफ (GPF) में जमा होगा. बोनस देने से सरकार पर 500 करोड़ रुपयों का वित्तीय भार आएगा.

बोनस देना मुख्यमंत्री का साहसिक निर्णय
दरअसल, वित्तीय संकट से जूझ रही राज्य सरकार के सामने बोनस देना बड़ी चुनौती थी. लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के कार्मिकों को बोनस देने की घोषणा कर तमाम चर्चाओं पर विराम लगा दिया है. अब वित्त विभाग बोनस देने के आधिकारिक आदेश जारी करेगा. कार्मिकों को इस बात की आशंका थी कि इस बार दीपावली पर उन्हें बोनस नहीं मिलेगा या नहीं. लेकिन मुख्यमंत्री ने तदर्थ बोनस देने की घोषणा कर करीब साढ़े सात लाख गैर राजपत्रित कार्मिकों को बड़ी राहत प्रदान की है. मुख्यमंत्री के इस निर्णय से राजकोषीय राजकोष पर करें 500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा.

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कर्मचारी संगठनों ने जताई खुशी
बोनस देने की घोषणा पर राज्य के विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार जताया है. कर्मचारी संगठनों ने गत दिनों बोनस देने की मांग को लेकर मुख्य सचिव को ज्ञापन दिया था. ज्ञापन में कर्मचारी संगठनों ने कोरोना काल हवाला देकर बोनस देने की मांग की थी. उसके बाद राज्य सरकार ने गंभीर आर्थिक संकट के बावजूद बोनस देने का फैसला किया है. सरकार की इस घोषणा से कर्मचारी खुश जरुर हुये हैं, लेकिन इसके दिये जाने की तरीके से उनमें थोड़ी निराशा भी है.
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