राजस्‍थान: आज मरीजों के लिए मुसीबत की घड़ी, डॉक्टरों की हड़ताल और 'राम भरोसे' चिकित्सा व्यवस्था

पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों के समर्थन में प्रदेश के अस्पतालों में भी आज ओपीडी बंद रहेगी. आज सुबह 6 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक 24 घंटे मरीजों के लिए मुसीबतों का पहाड़ टूटने वाला है और ऐसे में मरीब अब भगवान भरोसे ही रहेंगे.

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Updated: June 17, 2019, 10:27 AM IST
राजस्‍थान: आज मरीजों के लिए मुसीबत की घड़ी, डॉक्टरों की हड़ताल और 'राम भरोसे' चिकित्सा व्यवस्था
प्रतिकात्मक तस्वीर. (Getty Images)
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Updated: June 17, 2019, 10:27 AM IST
पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों के समर्थन में प्रदेश के अस्पतालों में भी आज ओपीडी बंद रहेगी. आज सुबह 8 बजे से मंगलवार सुबह 8 बजे तक 24 घंटे मरीजों के लिए मुसीबतों का पहाड़ टूटने वाला है क्योंकि यहां सरकारी ही नहीं करीब 80 प्रतिशत प्राइवेट अस्पतालों में भी चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित रहने की आशंका है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के आह्वान पर राजस्थान के डॉक्टरों ने भी हड़ताल का समर्थन दिया और इसका सीधा असर सरकारी अस्पतालों की ओपीडी और मौसमी बीमारियों में जकड़े मरीज पर पड़ेगा. राजस्थानी जयपुर के अकेले सवाई मानसिंह अस्पताल में ओपीडी में रोजाना 8-10 हजार मरीज पहुंचते हैं. इस हड़ताल से ऐसे मरीजों की मुसीबत बढ़नी तय है. जबकि प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों में भी व्यवस्थाएं चरमराने का अंदेशा है.

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गंभीर मरीजों की जान को आफत

प्रदेश के रेजीडेंट डॉक्टरों ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के ऐलान से पहले ही हड़ताल के समर्थन में कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया था और अब 24 घंटे की हड़ताल के बाद अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों की जान पर बन आई है. एक अनुमान के अनुसार जयपुर में ऐसे करीब 300 मरीजों के ऑपरेशन आज प्रभावित होंगे. ऐसे में मरीजों की दिक्कत बढ़ना तय है. चिंता की बात ये है कि मंगलवार को भी ऐसे मरीजों के ऑपरेशन अगले सात दिन तक के पूर्व निर्धारित शिड्यूल में ही होंगे, यानी अन्य ऑपरेशन भी प्रभावित होंगे.

राजस्थान के सभी अस्पतालों में सभी गैर आपात सेवाओं का बहिष्कार किया गया है. 
डॉ. वीके जैन,  प्रदेश सचिव, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन


हड़ताल के दौरान सरकार ने की ये व्यवस्था

डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान चिकित्सा सुविधाएं यथावथ संचालित करने के लिए सरकार ने कुछ वैकल्पिक इंतजाम किए हैं. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMHO) को निर्देश दिए है कि वे अस्पतालों में नर्सिंगकर्मी, आयुष चिकित्सकों और प्रोबेशन डॉक्टरों को ड्यूटी के लिए पाबंद करें.
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वो मांगें जिसके लिए हुई हड़ताल

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संगठन महामंत्री डॉ. संजीव गुप्ता के अनुसार केंद्र सरकार अस्पताल प्रोटेक्शन फोर्स गठित करे, डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए कड़ा कानून बनाए. आईएमए राजस्थान के प्रदेश सचिव डॉ. वीके जैने के अनुसार रेजीडेंट डॉक्टरों की सभी मांगे सरकार बिना शर्त माने.

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First published: June 17, 2019, 8:21 AM IST
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