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Rajasthan: डूंगरपुर मूल के डॉ. विश्वास मेहता बने केरल के मुख्य सचिव, कोरोना के खिलाफ लड़ रहे हैं जबर्दस्त 'जंग'

Rajasthan: डूंगरपुर मूल के डॉ. विश्वास मेहता बने केरल के मुख्य सचिव, कोरोना के खिलाफ लड़ रहे हैं जबर्दस्त 'जंग'

डॉ. विश्वास मेहता राज्य सरकार की ओर से गठित 4 आपात समूहों के कार्यों का सुपरविजन करते हुए रोज़ अपने 17-18 घंटे के काम की रिपोर्ट सीधे ही मुख्यमंत्री को देते हैं.

डॉ. विश्वास मेहता राज्य सरकार की ओर से गठित 4 आपात समूहों के कार्यों का सुपरविजन करते हुए रोज़ अपने 17-18 घंटे के काम की रिपोर्ट सीधे ही मुख्यमंत्री को देते हैं.

राजस्थान (Rajasthan) के उदयपुर संभाग के डूंगरपुर शहर के मूल निवासी डॉ. विश्वास मेहता (Dr. Vishwas Mehta) दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य केरल के मुख्य सचिव (Chief Secretary of Kerala) बनाए गए हैं.

जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) के उदयपुर संभाग के डूंगरपुर शहर के मूल निवासी डॉ. विश्वास मेहता (Dr. Vishwas Mehta) दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य केरल के मुख्य सचिव (Chief Secretary of Kerala) बनाए गए हैं. मेहता निवर्तमान मुख्य सचिव टॉम जोस का स्थान लेंगे. केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1986 बैच के अधिकारी डॉ. विश्वास मेहता को केरल का मुख्य सचिव नियुक्त किया है. वे 31 मई को अपना कार्यभार संभालेंगे.

डॉक्टर विश्वास की प्रारंभिक शिक्षा डूंगरपुर में हुई. डॉ. विश्वास गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पद पर नियुक्त थे. डॉ. विश्वास मेहता भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव एवं केरल के प्रमुख स्वास्थ्य सचिव रहते हुए स्वाइन फ्लू और इबोला जैसी बीमारियों के विरुद्ध भी सफलता पूर्वक जंग लड़ चुके हैं.

प्रमुख योद्धाओं में शामिल हैं
डॉ. विश्वास मेहता कोरोना की वैश्विक महामारी के बीच भारत के दक्षिणी प्रान्त ‘गोड्स ऑन कंट्री' यानि ‘भगवान का अपना देश‘ के नाम से मशहूर और विश्व में अपने मेडिकल टूरिज्म के लिए विख्यात केरल में कोरोना के विरुद्ध जंग लड़ रहे प्रमुख योद्धाओं में शामिल हैं. डॉ. मेहता का यह अनुभव कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में काफ़ी काम आ रहा है.

1.72 लाख लोगों को कोविड के लिए निगरानी में रखा
डॉ. विश्वास के मुताबिक हमने उभरती परिस्थितियों में 1.72 लाख लोगों को कोविड के लिए निगरानी में रखा. हमारे स्वास्थ्य एवं पंचायत कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों ने दैनिक आधार पर व्यापक एवं सतत संपर्क किया और देखा कि कोरोना के लक्षण किसी भी व्यक्ति को संक्रमित तो नहीं कर रहे ? इसका परिणाम रहा कि निगरानी में रखे जाने वाले लोगों की संख्या घटती जा रही है. ऐसा तभी सम्भव हो पाया क्योंकि प्रदेश में 14 दिन के क्वॉरेंटाइन का सख्ती से पालन किया गया.

रोजना 17 से 18 घंटे काम करते हैं मेहता
डॉ. विश्वास मेहता राज्य सरकार द्वारा गठित 4 आपात समूहों के कार्यों का सुपरविजन करते हुए रोज अपने 17-18 घंटे के काम की रिपोर्ट सीधे ही मुख्यमंत्री को देते हैं. मुख्यमन्त्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में राज्य सरकार की जबर्दस्त रणनीति के कारण ही आज केरल देश में एक मॉडल राज्य माना जा रहा है. मार्च में लॉकडाउन शुरू होने के बाद से राज्य के श्रम विभाग के अनुसार केरलभर में 20,826 शिविर लगाए, जहां 3,61,190 प्रवासी मजदूरों को रखा गया है.

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Tags: Dungarpur news, Jaipur news, Rajasthan news

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