जयपुर के रैन बसेरों में शरण लेने वाले भगवान भरोसे! न शौचालय न पीने का पानी

राज्य विधिक सेवा प्राधिकऱण की टीम ने शहर में स्थित स्थाई  और अस्थाई रैन बसेरों का निरीक्षण किया है.
राज्य विधिक सेवा प्राधिकऱण की टीम ने शहर में स्थित स्थाई और अस्थाई रैन बसेरों का निरीक्षण किया है.

राज्य विधिक सेवा प्राधिकऱण की टीम ने शहर में स्थित स्थाई और अस्थाई रैन बसेरों का निरीक्षण किया है.

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मंगलवार रात राज्य विधिक सेवा प्राधिकऱण की टीम ने शहर में स्थित स्थाई  और अस्थाई रैन बसेरों का निरीक्षण किया. इसमें कई तरह की खामियां टीम के सामने आईं. मुख्य रूप से अस्थाई रैन बसेरों में शौचालय का नहीं होना, टीम ने गंभीर समस्या माना.

टीम का नेतृत्व कर रहे प्राधिकरण के सदस्य सचिव एसके जैन ने कहा कि अस्थाई रैन बसेरों में शौचालय नहीं होने से लोग खुले में पेशाब और शौच करने को मजबूर हैं. वहीं, रैन बसेरों में रात गुजारने वाली महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से भी यह उचित नहीं है.

उन्होंने बताया कि इसके अलावा कई रैन बसेरों में पीने का साफ पानी और फर्स्ट एड बॉक्स नहीं होना भी गंभीर बात है. रैन बसेरों में इन मूलभूत सुविधाओं का होना अति आवश्यक है.



हालांकि रैन बसेरों में हो रही डॉक्टर्स की विज़िट पर उन्होंने संतोष जाहिर किया. टीम इन कमियों के बारे में निगम को अवगत करवाएगी. वहीं इसकी एक रिपोर्ट प्राधिकरण चेयरमैन के जरिए सुप्रीम कोर्ट भी भेजी जाएगी.
[quote ]रैन बसेरों में पीने का साफ पानी, फर्स्ट एड बॉक्स नहीं होना और शौचालय का नहीं होना भी गंभीर बात है.
एसके जैन, सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण
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