राजस्थान: लॉकडाउन से प्रदेश के 5 बड़े शहरों में साफ हुई आबो-हवा, सुकून से ले सकते हैं सांस

सर्वाधिक 175 एक्यूआई जयपुर में 23 मई को मापा गया.

सर्वाधिक 175 एक्यूआई जयपुर में 23 मई को मापा गया.

Due to lockdown air cleaned in 5 big cities of Rajasthan: कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये राजस्‍थान में लागू लॉकडाउन में वाहनों की रेलमपेल थमने और फैक्ट्रियां बंद होने के कारण पांच बड़े शहरों की आबो-हवा साफ हो गई है.

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जयपुर. कोरोना के कारण लगातार बढ़ते लॉकडाउन (Lockdown) के बीच राहत देने वाली खबर आई है. वाहनों के कम इस्तेमाल के चलते राजस्थान के पांच शहरों की हवा में ऑक्सीजन को लेवल बढ़ (Oxygen levels up) गया है. एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार होने से सांस लेना बेहतर हुआ है. हालांकि, इसमें टाउते चक्रवाती तूफान (Tauktae-cyclone) का भी अहम योगदान है.

कोरोना से पहले वाहनों की रेलमपेल और फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण के चलते बड़े शहरों में एक्यूआई 200 के करीब रहता था. पिछले सप्ताह जोधपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर में एक्यूआई कुछ जगह 50 के करीब भी पहुंच गया. इसे बहुत अच्छी श्रेणी में रखा गया है. इस एक्यूआई में हवा एकदम साफ रहती है और ऑक्सीजन की मात्रा सरप्लस होती है. इससे लोग और बेहतर सांस ले सकते हैं.

टाउते तूफान ने भी आबोहवा को किया साफ

पिछले सप्ताह अरब सागर से उठे टाउते तूफान ने भी आबोहवा की अच्छी खासी सफाई कर दी. तूफानी हवाओं और बरसात से आसमां की गंदगी धुल गई. लॉकडाउन के चलते वाहनों और फैक्ट्रियों की रफ्तार पर भी ब्रेक लगे. इसके कारण हवा के धूल कणों में नाइट्रोजन, कार्बन और अमोनिया आदि अवशिष्ट की मात्रा कम हो गई. इससे हवा में ऑक्सीजन की मात्रा सरप्लस हो गई.
पांच शहरों में अजमेर का एक्यूआई बेहतर

प्रदेश में 19 मई से 25 मई के बीच बड़ों शहरों की बात करें तो जयपुर में एक्यूआई 58 से 124, जोधपुर में 51 से 155, उदयपुर में 61 से 111, कोटा में 68 से 96 और अजमेर में 39 से 96 तक रहा. सर्वाधिक 175 एक्यूआई जयपुर में 23 मई को मापा गया. अमूमन इन शहरों में एक्यूआई 200 के करीब रहता है. मरुस्थल का प्रवेशद्वार होने के कारण जोधपुर में यह इससे भी ज्यादा होता है.

आसमां के साथ जमीं पर भी ऑक्सीजन से राहत



कोरोना काल में ऑक्सीजन की बात करें तो आसमां के साथ-साथ जमीन पर अस्पतालों में भी इन दिनों ऑक्सीजन पर्याप्त मिलने लगी है. अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत में तो हालात यह थे कि ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीजों को जान तक गंवानी पड़ रही थी. लेकिन अब शहरों में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति होने लगी है. दूसरे कोरोना के मरीज भी कम होने से ऑक्सीजन की खपत की कम हो गई है.

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