Dungarpur violence: गहलोत सरकार पता लगाएगी कि क्यों भड़का गुस्सा ? गृह सचिव को दिया जांच का जिम्मा

हिंसक प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाईवे के 10 किमी तक के इलाके को कब्जे में ले लिया था. (फाइल फोटो)
हिंसक प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाईवे के 10 किमी तक के इलाके को कब्जे में ले लिया था. (फाइल फोटो)

Dungarpur violence: गहलोत सरकार प्रदेश के आदिवासी बहुल डूंगरपुर इलाके में पिछले दिनों हुये हिसंक प्रदर्शन के कारणों (Reasons) का पता लगायेगी. इसकी जिम्मेदारी राज्य के गृह सचिव नारायणलाल मीणा को सौंपी गई है.

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जयपुर. गहलोत सरकार (Gehlot Government) डूंगरपुर में आदिवासी इलाके (Tribal areas) में बीते दिनों टीचर भर्ती में अनारक्षित पदों को एसटी उम्मीदवारों से भरने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन (Violent demonstration) की जांच कराएगी. राज्य के गृह सचिव नारायणलाल मीणा को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा गया है. गृह सचिव उदयपुर संभाग के दौरे के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और अधिकारियों से वार्ता करेंगे. गृह सचिव यह भी पता लगाएंगे क्या डूंगरपुर हिंसा के पीछे बाहरी राज्य से आए लोगों का हाथ है? इसके साथ ही वे यह भी पता लगाएंगे कि स्टूडेंट्स और अभ्यर्थियों का गुस्सा क्यों भड़का ?

सीएम गहलोत को सौंपेंगे जांच रिपोर्ट
गृह सचिव मामले की जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सौपेंगे. बीते दिनों आंदोलनकारियों ने पूरे खैरवाड़ा इलाके को घेर लिया था और कई होटल तथा मकानों में आग लगा दी थी. हिंसक भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी. हिंसक प्रदर्शन में दो लोग मारे गए थे, जबकि करीब 5 लोग घायल हो गए. इस हिंसक घटना के बारे में राजस्थान के डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने कहा था कि हिंसा में शामिल कुछ लोग बाहर से आए थे.

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करोड़ों की संपत्ति फूंक डाली थी


प्रदर्शनकारियों ने हाईवे के 10 किमी तक के इलाके को कब्जे में ले लिया था. उन्होंने करोड़ों रुपयों की संपत्ति फूंक डाली थी. कई होटल और दुकानों में तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट की गई. डूंगरपुर में भी कई बाइकों को आग के हवाले कर दिया था. नेशनल हाईवे को बाधित करने, आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे 16 केसों में कुल 3300 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. प्रदर्शनकारियों के सामने पुलिस और प्रशासन बेबस नजर आया. उसके बाद इस मसले को राजनीति भी खूब गरमायी थी.
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