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दशहरा 2022: जयपुर के मंदिर परिसर में महीने भर हिंदू की तरह रहता है मुस्लिम परिवार, जानिए वजह

जयपुर में यह 20 फीट लंबा चेहरा 130 फीट के रावण का है, जिसे क्रेन के सहारे खड़ा किया जाएगा.

जयपुर में यह 20 फीट लंबा चेहरा 130 फीट के रावण का है, जिसे क्रेन के सहारे खड़ा किया जाएगा.

Religious Unity: परिवार के मुखिया लखो भाई ने बताया कि रावण बनाने के लिए एक महीने पहले ही परिवार मथुरा से जयपुर आता है. ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

65 साल में 20 फुटा रावण हो गया 130 फुट का. बनाने पर आनेवाला खर्च 250 से जा पहुंचा 50 हजार.
जयपुर के आदर्श नगर स्थित श्रीराम मंदिर के दशहरे के लिए 65 वर्षों से मुस्लिम परिवार बनाता है रावण.
लखो भाई का कहना है कि जब तक वंश चलेगा, यहां के दशहरे के लिए रावण हमारा ही परिवार बनाएगा.

रिपोर्ट: लोकेश कुमार

ओला. सामाजिक सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम एकता के कई उदाहरण आपने देखे होंगे. लेकिन जयपुर में आजादी के बाद से चली आ रही बीते 66 वर्षों की परंपरा एक मुस्लिम परिवार निभा रहा है. यह परंपरा है दशहरे पर जलाए जाने वाले रावण को बनाने की.

मथुरा का यह मुस्लिम परिवार आज सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण कहा जा सकता है. 65 वर्षों से यह मुस्लिम परिवार हर वर्ष जयपुर के आदर्श नगर स्थित श्रीराम मंदिर के दशहरे के लिए रावण बनाने का काम करता है. इस बार इस परिवार की पांचवीं पीढ़ी रावण बनाने का काम कर रही है. वहीं परिवार की अगली पीढ़ी भी इस काम को सीख रही है. परिवार के मुखिया लखो भाई का कहना है कि जब तक परिवार का वंश चलेगा, दशहरे के लिए रावण हमारा परिवार बनाएगा.

65 साल पहले 250 रुपए में बनाया था रावण

आदर्श नगर श्रीराम मंदिर प्रन्यास ने 65 साल पहले दशहरा मेला शुरू किया था. तबसे मंदिर में पहले नवरात्र से रामायण का मंचन और उसके बाद दशहरे के दिन रावण दहन किया जा रहा है. पहली बार दशहरे पर 20 फिट का रावण जलाया गया था. मुस्लिम परिवार के मुखिया 75 वर्षीय लखो भाई ने बताया कि पहली बार 65 वर्ष पहले जयपुर में रावण बनाने के लिए मेरे ताऊ आए थे. उनके साथ मैं भी आया था. तब 20 फिट का रावण बनाया गया था, जिसका मेहनताना 250 रुपए मिला था और इनाम के तौर पर 10 रुपए अलग से मिले थे. हमारे काम को देखते हुए मंदिर कमेटी ने हमें हर वर्ष रावण बनाने के लिए कहा था. तब से लगातार हमारे परिवार के लोग यहां रावण बनाने के लिए आ रहे हैं. पहले मेरे ताऊ आते थे, फिर पिताजी आने लगे, इसके बाद बड़े भाई और फिर मैं आने लगा. अब मेरे बेटे और पोते आ रहे है. अगली पीढ़ी को भी काम सीखा रहे हैं. ताकि यह परंपरा आगे भी बनी रहे.

हर साल बढ़ती है रावण की ऊंचाई

65 साल पहले 20 फिट का रावण बनाया था, जिसके बाद से हर वर्ष रावण की ऊंचाई बढ़ाई गई. इस वजह से खर्च भी अधिक आने लगा. रावण बनाने वाले कारीगर राजा खान ने बताया कि इस बार रावण की ऊंचाई 130 फिट होगी. इसके अलावा कुम्भकर्ण और मेघनाद का एक-एक पुतला भी बनाया जा रहा है. जिनकी ऊंचाई रावण से कम है. करीब एक महीना इसे तैयार करने में लग जाता है. अब दशहरे से पहले इसे पूरी तरह बना दिया जाएगा. ऊंचाई अधिक होने के कारण रावण को क्रेन की मदद से खड़ा किया जाएगा. इसको बनाने में इस बार कारीगरों का खर्चा 50 हजार से अधिक है. इसके अलावा इसे बनाने के लिए बांस, कागज और अन्य सामान पर एक से डेढ़ लाख रुपए का खर्च है.

पूरी रामायण हुई याद

परिवार के मुखिया लखो भाई ने बताया कि रावण बनाने के लिए एक महीने पहले ही परिवार मथुरा से जयपुर आता है. एक महीने तक राममंदिर परिसर में रहता है. हम सब एक महीने तक शुद्ध हिंदू की तरह रहते हैं. मंदिर में सादा भोजन करते हैं. पूजा के समय पूजा में शामिल होते हैं. जब रामायण शुरू होती है, तब से रात में रामायण देखते हैं. हर साल रामायण देखकर रामायण के श्लोक तक सभी को याद हो गए. जब तक मंदिर में रहते हैं मांस-मदिरा से दूर रहते हैं.

Tags: Dussehra Festival, Jaipur news, Rajasthan news, Ramlila

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