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शिक्षा विभाग ने पूर्व मंत्री को नहीं माना नागरिक, RTI के तहत सूचना देने से किया इनकार

Dinesh Sharma | News18 Rajasthan
Updated: October 20, 2019, 2:24 PM IST
शिक्षा विभाग ने पूर्व मंत्री को नहीं माना नागरिक, RTI के तहत सूचना देने से किया इनकार
राज्य सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने शिक्षा विभाग के रवैये पर अफसोस जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई.

शिक्षा विभाग (Education Department) ने पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री (Former Minister and General Secretary of State Congress) को नागरिक (Citizen) न मानते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत सूचना देने से इनकार कर दिया.

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जयपुर. शिक्षा विभाग (Education Department) ने पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री (Former Minister and General Secretary of State Congress) को नागरिक (Citizen) न मानते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत सूचना देने से इनकार (Refuse) कर दिया है. प्रकरण सामने आने के बाद राज्य सूचना आयोग (State information commission) ने शिक्षा विभाग को कड़ी फटकार लगाते हुए पूर्व मंत्री को निःशुल्क सूचना देने के निर्देश दिए हैं. सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा (Ashutosh Sharma) ने अपने फैसले में कहा है कि पूर्व मंत्री द्वारा आरटीआई आवेदन में अपने नाम के साथ पद लिख देने मात्र से यह नहीं कहा जा सकता कि वह नागरिक के रूप में सूचना नहीं मांग रहा.

दरअसल, राज्य के पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री ललित भाटी ने जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक शिक्षा, अजमेर) से निजी विद्यालयों के निरीक्षण के बारे में सूचनाएं मांगी थी. विभाग ने सूचना का अधिकार कानून की धारा-3 के तहत यह कहकर आरटीआई आवेदन खारिज कर दिया कि सूचना केवल नागरिक को ही मिल सकती है, जबकि भाटी ने अपने नाम के साथ पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस महामंत्री पद का उल्लेख किया है. इसलिए उन्हें सूचना नहीं दी जा सकती.

आयोग ने जताया अफसोस
बाद में भाटी ने राज्य सूचना आयोग में इसकी अपील की. इस पर राज्य सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने शिक्षा विभाग के रवैये पर अफसोस जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई है. शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि भाटी ने व्यक्तिगत तौर पर ही एक नागरिक के रूप में सूचना चाही है न कि किसी विधिक व्यक्ति के रूप में. आरटीआई आवेदन में अपने नाम के साथ पूर्व मंत्री के तौर पर परिचय लिख देने से पूर्व मंत्री का सूचना का व्यक्तिगत अधिकार समाप्त नहीं हो जाता है.

'नागरिकों को तकनीकी बिंदुओं में न उलझाएं'
सूचना आयुक्‍त आशुतोष शर्मा ने कहा कि यह अफसोसजनक कि आरटीआई कानून शासन-प्रशासन में पारदर्शिता लाने और नागरिकों को अधिकारिक तौर पर सूचना सार्वजनिक कर सूचित करने का अस्त्र है. नागरिकों को तकनीकी बिंदुओं में उलझाकर सूचना देने से इनकार करना कानून की भावना के अनुरूप नहीं है. आयोग ने शिक्षा विभाग को कानून की पालना की चेतावनी देते हुए पूर्व मंत्री को सूचनाएं देने के निर्देश दिए हैं.

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First published: October 20, 2019, 1:51 PM IST
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