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सहकारी समितियों के चुनाव: प्रदेशभर में दिसंबर से जून तक 3 चरणों में कराए जाएंगे
Jaipur News in Hindi

Dinesh Sharma | News18 Rajasthan
Updated: December 5, 2019, 3:56 PM IST
सहकारी समितियों के चुनाव: प्रदेशभर में दिसंबर से जून तक 3 चरणों में कराए जाएंगे
सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण को चुनाव की तैयारियों संबंधी निर्देश दे दिए गए हैं.

प्रदेश की करीब 18 हजार सहकारी संस्थाओं के चुनावों (Elections of cooperative societies ) की कवायद शुरू हो गई है. दिसंबर से जून माह तक 3 चरणों (phases) में सहकारी संस्थाओं के चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे.

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जयपुर. प्रदेश की करीब 18 हजार सहकारी संस्थाओं के चुनावों (Elections of cooperative societies ) की कवायद शुरू हो गई है. दिसंबर से जून माह तक 3 चरणों (phases) में सहकारी संस्थाओं के चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे. सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना (Cooperative Minister Udaylal Anjana) का कहना है कि दिसंबर-जनवरी माह में होने वाले प्रथम चरण में करीब डेढ़ हजार प्राथमिक सहकारी समितियों के चुनाव करवाए जाएंगे.

इन चुनावों के समानांतर अपेक्स संस्थाओं के चुनाव भी होंगे
बकौल सहकारिता मंत्री आंजना चुनाव का दूसरा चरण फरवरी महीने से शुरू होगा. इसमें 6 हजार ग्राम सेवा सहकारी समितियों और क्रय विक्रय सहकारी समितियों के चुनाव होंगे. चुनाव का तीसरा चरण मई महीने में होगा. इस चरण में 10 हजार से ज्यादा प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के चुनाव होंगे. इन चुनावों के समानांतर अपेक्स संस्थाओं के चुनाव भी संपन्न करवाए जाएंगे.

तैयारियों के निर्देश दिए

आंजना ने बताया कि सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण को चुनाव की तैयारियों संबंधी निर्देश दे दिए गए हैं. सहकारिता रजिस्ट्रार नीरज के. पवन ने सभी जिला उप रजिस्ट्रार को इस संबंध में निर्वाचन अभ्यर्थना प्राप्त करने को कहा है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले दिनों सभी सहकारी समितियों के चुनाव समयबद्ध तरीके से करवाने के निर्देश दिए थे.

वर्ष 2016 के बाद से इनके चुनाव नहीं हुए
उल्लेखनीय है कि सहकारी समितियों के चुनाव लंबे समय से नहीं हुए हैं. प्रदेश में वर्ष 2016 के बाद से इनके चुनाव नहीं हुए हैं. ग्राम सेवा सहकारी समितियों का जाल राज्य के गांव-गांव में फैला हुआ है. पिछली बीजेपी सरकार राजनीतिक लाभ-हानि के चलते इन समितियों के चुनाव को टालती रही. अब कांग्रेस सरकार ने इन चुनावों को समय पर करवाने की प्रतिबद्धता जताई है.निर्वाचन की प्रक्रिया नीचे से ऊपर की ओर चलती है.
प्रदेश में वर्ष 2005 में राजस्थान राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण की स्थापना की गई थी. लेकिन इसे अधिकार कई बरसों बाद दिए गए. जुलाई 2017 से अब तक प्राधिकरण ने करीब 2 हजार समितियों के चुनाव करवाए हैं. सहकारी समितियों में निर्वाचन की प्रक्रिया नीचे से ऊपर की ओर चलती है. छोटे स्तर की सहकारी समितियों के चुनाव नहीं होने के कारण शीर्ष स्तर की समितियों के चुनाव भी पेंडिंग रह जाते हैं.

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First published: December 5, 2019, 3:50 PM IST
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