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लाटा रिसॉर्ट की दीवार फांदकर निकले और बीजेपी के हाथ से फिसल गई शहर की सरकार

News18 Rajasthan
Updated: January 23, 2019, 11:57 AM IST
लाटा रिसॉर्ट की दीवार फांदकर निकले और बीजेपी के हाथ से फिसल गई शहर की सरकार
जयपुर महापौर विष्णु लाटा। फोटो फेसबुक।

एक वोट से जयपुर शहर की सरकार को खो चुकी बीजेपी ने इसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन वह अपने प्रयासों में सफल नहीं हो पाई. इसके पीछे कई कारण रहे हैं.

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एक वोट से जयपुर शहर की सरकार को खो चुकी बीजेपी ने इसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन वह अपने प्रयासों में सफल नहीं हो पाई. इसके पीछे कई कारण रहे हैं. बीजेपी पार्षदों ने मेयर पद के प्रत्याशी मनोज भारद्वाज को थोपा हुआ प्रत्याशी बताया. पार्षदों के मुताबिक इस बारे में अवगत कराने के बावजूद पार्टी ने प्रत्याशी नहीं बदला, जिसका परिणाम सामने है.

मेयर के पद को बचाने के लिए यूं तो बीजेपी को कोई मशक्कत करने की जरुरत नहीं थी, क्योंकि निगम में पहले पार्टी का बोर्ड था और उसके पास पर्याप्त संख्या बल भी था. निगम के 91 पार्षदों में से 63 बीजेपी के हैं. लेकिन उप महापौर मनोज भारद्वाज को प्रत्याशी बनाए जाने से पार्षदों में असंतोष फैल गया और वे बागी हो गए. बीजेपी ने पार्षदों के इस असंतोष को दबाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन इसका नतीजा उल्टा सामने आया. मेयर पद के लिए हुई उठापटक के बीच बीजेपी ने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए कुछ इस तरह से मशक्कत की.

लाटा दीवार फांदकर रिसॉर्ट से निकलने में कामयाब रहे
बगावत की स्थिति को भांपते हुए बीजेपी ने चुनाव से एक दिन पहले जयपुर में अजमेर रोड स्थित एक रिसॉर्ट में अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी की. सोमवार को एक पार्षद ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन वह पकड़ा गया. लेकिन बगावत कर मेयर का चुनाव जीतने वाले पार्षद विष्णु लाटा दीवार फांदकर रिसॉर्ट से निकलने में कामयाब रहे. इस हड़बड़ाहट में लाटा के पैर में फ्रैक्चर हो गया.

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रातभर परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास के सम्पर्क में रहे
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रिसॉर्ट से बाहर आकर लाटा ने अपने भाई को बुलाया और अस्पताल गए. वहां लाटा रातभर कांग्रेस के शहर अध्यक्ष और वर्तमान परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास के सम्पर्क में रहे. बाद में उन्होंने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया. मंगलवार को सुबह 10 बजे बाद निगम में मेयर के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल हुए. बीजेपी प्रत्याशी के नामांकन के समय कई दिग्गज नेता पहुंचे. बीजेपी प्रत्याशी के नामांकन के बाद सुबह करीब 10.30 बजे
बागी विष्णु लाटा की ओर से नामांकन किया गया, लेकिन वे खुद नहीं आए.

वोट देकर सीधे सभा भवन में बैठ गए
लाटा के नामांकन के बाद दोपहर 2 बजे तक बीजेपी नेता उनके भाई महेश लाटा को मनाने की कोशिशें करते रहे, लेकिन वो नहीं माने. उसके बाद हुए मतदान के दौरान करीब सवा दो बजे विष्णु लाटा निगम कार्यालय पहुंचे और वहां वोट देकर सीधे सभा भवन में बैठ गए. वे वहां किसी बीजेपी नेता से नहीं मिले. शाम 4:53 बजे विष्णु लाटा एक वोट से विजयी घोषित किए गए. बीजेपी ने इस हार के बाद रात 9 बजे विष्णु लाटा को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया.

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First published: January 23, 2019, 11:54 AM IST
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