Rajasthan: पंचायती राज के बाद प्रदेश में जल्द होंगे सहकारी संस्थाओं के चुनाव

सुरक्षा बलों की ड्यूटी फिलहाल पंचायतीराज चुनावों में लगी है. लिहाजा पंचायतीराज और सहकारी संस्थाओं के चुनाव एक साथ करवाया जाना संभव नहीं है.

सुरक्षा बलों की ड्यूटी फिलहाल पंचायतीराज चुनावों में लगी है. लिहाजा पंचायतीराज और सहकारी संस्थाओं के चुनाव एक साथ करवाया जाना संभव नहीं है.

Elections of co-operative institutions: कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने के बाद सहकारी संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया रोक दी गई थी. उसे अब जल्द ही वापस शुरू (Start) किया जायेगा.

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जयपुर. राजस्थान में पंचायतीराज और नगर निकायों के चुनाव के बाद जल्द ही सहकारी संस्थाओं के चुनाव (Elections of cooperative institutions) करवाये जायेंगे. प्रदेश की कई सहकारी संस्थाएं तो ऐसी हैं जिनमें सालभर पहले ही चुनाव ड्यू हो चुके हैं. वहां सरकार ने प्रशासक (Administrator) नियुक्ति कर रखे हैं. प्रशासकों के द्वारा ही सहकारी संस्थाओं का कामकाज संचालित किया जा रहा है. पहले इन चुनावों की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी. लेकिन कोरोना संक्रमण (COVID-19) के तेजी हुये प्रसार के चलते सहकारी संस्थाओं की निर्वाचन प्रक्रिया बीच में रोक दी गई थी. उसे अभी तक दोबारा शुरू नहीं किया जा सका है.

सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के अनुसार अब जल्द ही सहकारी संस्थाओं के लम्बित चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि अभी सुरक्षा बलों की ड्यूटी पंचायतीराज चुनावों में लगी है. लिहाजा पंचायतीराज और सहकारी संस्थाओं के चुनाव एक साथ करवाया जाना संभव नहीं है. लेकिन पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव संपन्न होते ही सहकारी संस्थाओं की निर्वाचन प्रक्रिया फिर शुरू की जाएगी.

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दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक चलेंगे पंचायती राज चुनाव

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में फिलहाल पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चल रहे हैं. इसके तहत 21 जिलों में जिला परिषदों और पंचायत समितियों के सदस्यों के चुनाव हो रहे हैं. ये चुनाव चार चरण में होंगे. इसका एक चरण हाल ही में 23 नंवबर को हो चुका है. अभी तीन चरणों के चुनाव बाकी हैं. ये चुनाव दिसंबर के पहले सप्ताह तक चलेंगे. उसके बाद 8 दिसंबर को इनकी मतगणना होगी. इस बीच राज्य चुनाव आयोग शेष बच रहे नगरीय निकायों के चुनाव की घोषणा भी कर चुका है. लिहाजा पहले वो चुनाव करवायें जायेंगे. उसके बाद सहकारी संस्थाओं के चुनाव करवाये जायेंगे.

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