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EXCLUSIVE: अशोक गहलोत ने बताया- राम मंदिर के मुद्दे पर क्यों बैकफुट पर आ जाती है कांग्रेस

गहलोत ने कहा कि कौन कहां फिट होगा, ये पार्टी ही तय करेगी. किसकी क्या भूमिका होगी, किसकी क्या जिम्मेदारी होगी. जो खुद को प्रोजेक्ट करते हैं, वो कभी सीएम बन ही नहीं सकता.

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कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने दावा किया कि राजस्थान में अगर उनकी पार्टी जीती तो आलाकमान जिसे सीएम उम्मीदवार बनाएगा, उनको वो मंज़ूर होगा. NEWS18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में अशोक गहलोत ने राहुल गांधी के गोत्र के मुद्दे पर खुलकर बात की और बीजेपी के उन आरोपों पर भी पलटवार किया, जिनमें कांग्रेस को बिना दूल्हे की बारात बताया गया था.

सवाल- आपको को तो प्रचार करते हुए चालीस साल हो गए. कैंपेन का शैड्यूल क्या रहता है?
गहलोत- माहौल अच्छा है. माहौल अच्छा रहता है तो कैंपेन में मजा आता है. लोग दुखी हैं, गुस्सा हैं.

सवाल- टिकट बांटने से पहले आपकी पार्टी का अच्छा माहौल माना जा रहा था. अब कहते हैं कि कांग्रेस के सामने कड़ी चुन्नौती है?
गहलोत- ये बात नहीं, अडंर करंट चल रहा है. कुछ सीटों पर असर पड़ सकता है.



सवाल- ऐसा क्यों हो रहा है कि मुद्दों के बजाय जात, धर्म और गौत्र तक पहुंच गए?
गहलोत- ये तो बीजेपी वाले कह रहे हैं. हम तो राफेल, नोटबंदी, कालेधन पर सवाल पूछ रहे हैं.

सवाल-  क्यों आपको पुष्कर में राहुल गांधी का गौत्र बताना पड़ा?
गहलोत- ये गलतफहमी है, मोतीलाल नेहरु 1921 में पुष्कर आए थे, रिकॉर्ड में था. राहुल जी पंडित से बात कर रहे थे तो पंडित ने राहुल गांधी से पूछा कि राहुल गांधी का धर्म, जाति और गौत्र तिरंगा है.

सवाल- लेकिन बीजेपी तो इससे आगे पूछ रही है कि गौत्र ननिहाल का क्यों बताया दादा का क्यों नहीं?
गहलोत- बीजेपी को इससे मतलब क्या है, हमारे नेता जो बोलते हैं उसका वो अपने हिसाब से व्याख्या कर लेते हैं. गुजरात में भी इन्होंने ये ही किया.

सवाल- यूपी सीएम योगी आदित्यानाथ मुस्लिम और दलित समुदाय के असर वाली सीटों पर सभाएं कर रहे हैं. क्या इससे कांग्रेस की संभावना पर असर पड़ेगा?
गहलोत- मेरा मानना है कि हिंदू समझ गया है कि ये एक्सपर्ट हो चुके हैं. मोदी जी की सरकार 31 फीसदी वोट से है. 60 फीसदी ने वोट नहीं किया, वे हिंदू ही थे. उन सबने खिलाफ वोट डाला था. लेकिन ये लोग हिंदू उसी को मानते हैं जो बीजेपी को वोट देता है.

सवाल- राम मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस बैकफुट पर क्यों आ जाती है?
गहलोत- देश कानून से चलता है. हम तो कानून को मानते हैं, इनका लोकतंत्र में भरोसा नहीं है. देश में दो ही चेहेरे है मोदी और अमित शाह. खुद इनके मंत्री घुटन महसूस कर रहे हैं.

सवाल- वीएचपी और संघ के कई नेता तो अध्यादेश लाने की बात कर रहे हैं?
गहलोत- आरएसएस प्रमुख ने तो विज्ञान भवन में कहा था कि मंदिर हमारा मुद्दा नहीं है. फिर 15 दिन बाद कहा कि मंदिर निर्माण के लिए कानून लाना चाहिए और फिर आंदोलन में कूद गए. हम शांति और भाईचारा चाहते हैं.

सवाल- बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस बिना दूल्हे की बारात है. आपके पास सीएम का चेहरा नहीं है?
गहलोत- आजादी के बाद से उनका तो कभी दुल्हा रहा नहीं, वे तो जिंदगी भर कुंवारे रहे. ये सवाल तो हम पूछ सकते थे.

सवाल- आप दो बार सीएम रह चुके हैं, आप सीएम का चेहरा होते तो क्या कांग्रेस की संभावनाएं ज्यादा मजबूत होती?
गहलोत- मैं हूं. मौजूद हूं. यहां हूं. राहुल गांधी की अगुवाई में शानदार माहौल बना है. आजादी के बाद से कोई दुल्हा नहीं बना, हमारे यहां मैं, पीसीसी अध्यक्ष, सीपी जोशी, लालचंद कटारिया, कैंपेन कमेटी के चैयरमैन रघु शर्मा डूडी है. हम सबमें एकता है. ये मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए बार-बार लाया जाता है कि हमारे यहां चेहरा नहीं, वे तो 75 दिन अध्यक्ष तक नहीं बना सके.

सवाल- लेकिन कांग्रेस की ओऱ से जारी कैंपेन वीडियो में तो आप दो ही चेहरे हैं आप और सचिन पायलट. परसेप्शन भी है कि आप दोनों में से एक सीएम बनेगा?
गहलोत- मैं वीडियो को देख नहीं पाया. कांग्रेस ने जारी किया तो फिर सोच समझकर ही किया होगा.

सवाल- परसेप्शन भी है कि आप दोनों से एक बनेगा?
गहलोत- ये हाईकमान तय करेगा, जिसमें विधायकों की राय भी शामिल होगी.

सवाल-  क्या आप दबाव में है. आपके समर्थक जोधपुर में और नेता आपको सीएम के चेहेरे के रूप में देख रहे हैं?
गहलोत- मैं पार्टी की वफादार सिपाही हूं. पार्टी का फैसला सर्वोपरि होगा.

सवाल- आप के पास दोहरी जिमम्मेदारी है. आप संगठन महासचिव भी है. आपको कभी ये नहीं लगता है कि आप दूसरी जिम्मेदारी संभाले और राजस्थान में युवाओं को मौका दें?
गहलोत- कौन कहां फिट होगा, ये पार्टी ही तय करेगी. किसकी क्या भूमिका होगी, किसकी क्या जिम्मेदारी होगी. जो खुद को प्रोजेक्ट करते हैं, वो कभी सीएम बन ही नहीं सकता.
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