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Rajasthan Political Drama: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का बेबाक बयान, कहा- मैं डरने वालों में से नहीं

राजस्‍थान के पॉलिटिकल ड्रामे पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रखी अपनी राय.

राजस्‍थान के पॉलिटिकल ड्रामे पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रखी अपनी राय.

राजस्‍थान (Rajasthan) के सियासी संग्राम की समाप्ति के दावों के बीच केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) ने न्यूज़ 18 नेटवर्क को अपना पहला इंटरव्यू देते हुए सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot)पर जमकर प्रहार किया. खुद पर लगे आरोपों पर बेबाकी से जवाब देते हुए कहा,' मैं हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं, मैं नहीं डरता किसी से.'

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जयपुर. राजस्थान के सियासी संग्राम के दौरान कांग्रेस और अशोक गहलोत के निशाने पर रहे केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) पहली बार खुलकर सामने आए हैं. उन्‍होंने सरकार गिराने के आरोपों से लेकर फोन टैपिंग के मुद्दे और वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) से लेकर अपने मंत्रालय पर पूछे गए हर सवाल का जवाब न्यूज़ 18 को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में खुलकर दिया. उन्होंने कहा कि इस पूरी फिल्म की पटकथा एक ही व्यक्ति द्वारा रची गयी, जो कि राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) हैं, लेकिन वो फिल्‍म फ्लॉप हो गई है.

स्थाई नहीं राजस्थान सरकार
32 दिन तक चले सियासी संग्राम के बाद कांग्रेस भले ही मजबूत सरकार का दावा कर रही हो, लेकिन गजेंद्र सिंह शेखावत ने साफ कर दिया है कि राजस्थान सरकार स्थाई नहीं है. उन्होंने कहा कि मतभेद के जो कारण सरकार बनने के समय मौजूद थे, वो आज भी मौजूद है बल्कि और कई गुना ज़्यादा बढ़ गए हैं.  गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, 'पिछले 48 घंटे के हाई वोल्टेज ड्रामे को देख के मुझे नहीं लगता कि स्तिथि में कोई बदलाव हुआ है या स्थायित्व का कोई कारण बन रहा है.'

इसके अलावा उन्होंने कहा कि जिस सरकार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच आपस में संवाद नहीं था. ऐसी संवादहीनता वाली सरकार, जिनके दिलों को araldite लगाकर जोड़ने की कोशिश की गई हो, वह प्रदेश की जनता को क्या और कितना डिलीवर कर पाएगी. साथ ही कहा कि मैं राजस्थान के लोगों की आंखों में आशंका के बादल महसूस कर रहा हूं.



सीएम पुत्र की हार की खीज में मुझे बनाया निशाना
शेखावत ने कहा कि इस पूरे प्रकरण के दौरान कांग्रेस के नेता भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर लगातार प्रहार करते रहे. देश के गृहमंत्री के लिए हल्के शब्दों का प्रयोग किया. उन्होंने कहा कि मुझे लेकर उनकी स्वाभाविक खीज या खिसियाहट समझ में आती है, क्योंकि जोधपुर की जनता ने उनके पुत्र को लोकसभा के चुनाव में एक टका सा जवाब देकर भेज दिया था. वह भी अपनी सरकार की ताकत झोंक देने और सरकारी मशीनरी के पूरे दुरुपयोग के बावजूद नरेंद्र मोदी की आंधी में जिस तरह से उनके पुत्र उड़ गए थे. इसके अलावा शेखावत ने कहा, 'पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो तो पड़ोसी भी घर की बालकनी में आकर देखते हैं, उसी तरह भाजपा ने जिज्ञासा से अगर इस झगड़े को देखा तो यह कोई अपराध नहीं.'

एसओजी का मुकदमा देश के कानून का मजाक
पूरे प्रकरण में एसओजी की ओर से दर्ज किए गए मुकदमे को लेकर शेखावत ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि व्यवस्था और देश के कानून का इससे बड़ा कोई मजाक हो ही नहीं सकता. उन्‍होंने कहा,'एसओजी ने मुकदमा दर्ज करके राजस्थान से लेकर हरियाणा तक गिरफ्तारी की कोशिश की, पर 15 दिन बाद अचानक एसओजी और राजस्थान सरकार को ज्ञान प्राप्त हुआ और लीगल ओपिनियन के नाम पर यू-टर्न करके कोर्ट में मुकदमे को वापस ले लिया. एसओजी इसी मुकदमे में एक आरोपी की पुलिस कस्टडी मांगने के लिए कोर्ट में पूरा जोर लगा रही थी और दूसरा आरोपी मुख्यमंत्री के साथ बैठकर कॉफी पी रहा था. मुकदमा दर्ज कर व्यक्तिगत लांछन लगाने के लिए राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया और मेरी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को कम करने के लिए एक प्योर बिजनेस ट्रांजैक्शन को एक षड्यंत्र के तहत न्यायालय में 2 लोगों को खड़े करके आर्डर लेने की कोशिश की गई, जिसकी कोई जरूरत नहीं थी और उस को लेकर मुख्यमंत्री ने ऐसे बयान दिए जैसे वह मेरा कनविक्शन कर रहे हैं.'

'मैं हर तरह की जांच के लिए तैयार, नहीं डरता किसी से'
संजीवनी क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी के मामले पर बोलते हुए शेखावत ने कहा, 'मैं हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं. सोसाइटी के मामले में पिछले 1 साल से ज्यादा समय से जांच चल रही है. मुझसे जो कागज मांगे गए थे वह सभी कागज मैंने एसओजी को मुहैया करा दिए हैं. मैं हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं, लेकिन सरकार यह बताएं कि जिस जांच के लिए सरकार ने मुझे नोटिस दिया था वह मुकदमा ही वापस लिया जा चुका है. केवल राजनीतिक सनसनी पैदा करना, इस तरह के मुकदमे दर्ज करना और मुकदमों के माध्यम से डराने की कोशिश की गई, लेकिन मैं डरने वाले लोगों में से नहीं हूं.'
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'जहां तक वॉयस सैंपल की बात है, राजस्थान की सरकार और राजस्थान के पुलिस इस बात को सिद्ध करें कि यह ऑडियो कहां से आया है इसका मालिक कौन है. मुझे पता चला कि यह ऑडियो मुख्यमंत्री के घर से रिलीज हुआ है उनके ओएसडी ने जारी किया था.'

वसुंधरा राजे पार्टी से नाराज़ नहीं: शेखावत
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'वसुंधरा राजे हमारी पार्टी की वरिष्ठ नेता है और उन्होंने किसी तरह की नाराजगी को लेकर न तो किसी से कुछ कहा, ना ही कभी मेरी उनसे इस पर कोई चर्चा हुई है. शेखावत ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि पड़ोसी के घर में हुए विवाद को लेकर प्रतिपक्ष की वरिष्ठ नेता होने के नाते उनके मन में कहीं कोई नाराजगी होगी, लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्ति के नाते जनता के हालात देखकर उन्हें दुख जरूर होगा. अपने ही लोगों से किस बात की नाराजगी हो सकती है, जिसमें रूलिंग पार्टी की लड़ाई हो और बीजेपी का कोई लेना देना ना हो, ऐसा कोई कारण मुझे समझ में नहीं आता.'

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