Rajasthan Crisis : किसी का दबाव नहीं, संविधान के मुताबिक सत्र बुलाने का लिया फैसला- कलराज मिश्र
Jaipur News in Hindi

Rajasthan Crisis : किसी का दबाव नहीं, संविधान के मुताबिक सत्र बुलाने का लिया फैसला- कलराज मिश्र
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि वे संविधान के प्रावधानों का निर्वहन कर रहे हैं. (फाइल फोटो)

Rajasthan Crisis: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot) की तनातनी के कारण राज्य में चल रहे सियासी संकट के बीच गवर्नर कलराज मिश्र से News 18 Hindi संवाददाता ने बातचीत की. पढ़िए इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के प्रमुख अंश...

  • Share this:
नई दिल्ली. राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) और राजभवन के बीच गतिरोध राज्यपाल कलराज मिश्र (Governor Kalraj Mishra) ने 14 अगस्त से विधानसभा सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है. अशोक गहलोत सरकार के भेजे 3 प्रस्तावों को लौटाने के बाद आखिरकार चौथे प्रस्ताव को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी. प्रदेश में पिछले एक पखवाड़े से चल रहे सियासी संग्राम के बीच राज्यपाल कलराज मिश्र से News 18 Hindi संवाददाता ने बातचीत की. गवर्नर ने न्यूज 18 हिंदी के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वो किसी के दबाव में काम नहीं कर रहे, बल्कि संविधान के प्रावधानों के मुताबिक ही राजस्थान विधानसभा सत्र बुलाने की अनुमति दी गई है. प्रस्तुत है इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के प्रमुख अंश...

  • राजस्थान सरकार को विधानसभा सत्र बुलाने की अनुमति देने में इतनी देर क्यों हुई?

    संविधान में प्रदत्त नियमों के अनुरूप सत्र बुलाने के लिए राज्य सरकार को बार-बार निर्देशित किया गया था.


  • कांग्रेस का आरोप है कि गवर्नर केंद्र के दबाव में काम कर रहे हैं?

    राज्यपाल के लिए संविधान सर्वोपरि है. मेरे ऊपर किसी प्रकार का दबाव नहीं है.


  • कांग्रेस पार्टी के लोकसभा नेता अधीर रंजन चौधरी ने आपके लिए जो शब्द कहे, उस पर क्या प्रतिक्रिया है?

    भारत के नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है. मुझे चौधरी के वक्तव्य पर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं देनी है.


  • क्या कोरोना के चलते सत्र बुलाने में देर हो रही थी, आपने सरकार से कोरोना प्रोटोकॉल को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?

    मेरा राज्य सरकार से अनुरोध था कि कोरोना से बचाव के लिए सतत प्रयास करें.


  • रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया है कि राजस्थान में गवर्नर का संविधान कुछ और है... मध्य प्रदेश में गवर्नर का संविधान कुछ और..., राजस्थान में 21 दिन की पूर्व सूचना पर ही सत्र बुलाने की अनुमति... जबकि मध्य प्रदेश में रात 1 बजे चिट्ठी लिखी जाती है और 6 घंटों के अंदर सुबह 10 बजे सत्र बुलाने का निर्देश मिल जाता है.

    भारत राष्ट्र का संविधान एक है. मैं संविधान के अनुरूप अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा हूं.


  • आपकी कई बार सीएम गहलोत से मुलाकात हुई, उनको आपने क्या आश्वासन दिया था?

    मुख्यमंत्री जी से मुलाकात होती रहती है. प्रदेश के विकास, कोरोना वैश्विक महामारी जैसे अनेक विषय हैं, जिन पर मुख्यमंत्री से चर्चा होती रहती है.


  • क्या राजभवन की सुरक्षा के लिए आपने केंद्र से सुरक्षा मांगी है?

    राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने मुझसे मुलाकात की थी और उन्होंने राजभवन की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध की जानकारी के बारे में मुझे बताया था.


  • क्या यह सत्र राज्य सरकार ने विश्वासमत का हवाला देकर बुलाया है?

    सत्र बुलाए जाने के प्रस्ताव में राज्य सरकार ने इस संबंध में किसी प्रकार का उल्लेख नहीं किया है.


  • कोरोना महामारी राज्य के साथ पूरे देश में फैली हुई है, फिर आखिर किस दबाव में आपने सत्र बुलाने का फैसला किया?

    विधानसभा सत्र बुलाए जाने की परंपरा निर्धारित है. सत्र संविधान के प्रावधानों के अनुसार ही बुलाने का फैसला लिया गया है.


  • क्या सत्र की शुरुआत में राजस्थान सरकार को बहुमत साबित करना चाहिए? जिस तरीके से कांग्रेस के ही कई विधायकों ने ही गहलोत सरकार का साथ छोड़ दिया है, आपको नहीं लगता कि गहलोत सरकार अब अल्पमत में है?

    राज्य सरकार द्वारा विधानसभा सत्र बुलाने के प्रस्ताव में ऐसा कोई उल्लेख नहीं किया गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading