अपना शहर चुनें

States

आपके लिए इसका मतलब: NCR में संचालित नहीं होंगे 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन

मुख्य सचिव ने कहा कि भिवाड़ी पूर्ण रूप से रीको के अंतर्गत आता है और वहां वायु प्रदूषण में औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ रोड डस्ट वायु प्रदूषण का मूल कारण है.
मुख्य सचिव ने कहा कि भिवाड़ी पूर्ण रूप से रीको के अंतर्गत आता है और वहां वायु प्रदूषण में औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ रोड डस्ट वायु प्रदूषण का मूल कारण है.

मुख्य सचिव ने एनसीआर (NCR) में पुराने वाहनों के संचालन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सख्ती से पालना नहीं होने पर अलवर और भरतपुर (Alwar and Bharatpur) कलक्टर की खिंचाई की है.

  • Share this:
जयपुर. मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने एनसीआर (NCR) में 15 साल से पुराने पेट्रोल तथा 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को संचालित नहीं किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सख्ती से पालना नहीं होने पर अलवर और भरतपुर (Alwar and Bharatpur) कलक्टर की खिंचाई की है. उन्होंने भरतपुर और अलवर के जिला कलेक्टर को सभी संबंधित विभागों के साथ कार्य योजना बनाकर भिजवाने के निर्देश दिये हैं.

मुख्य सचिव ने शासन सचिवालय में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों की अनुपालना में गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक कर अब तक की कार्रवाई की समीक्षा की. इस समिति का गठन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए की किया गया है. सीएस आर्य ने अलवर एवं भरतपुर के जिला कलेक्टर्स को अपने-अपने जिलों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के सुधार को लेकर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि मूल रूप से रोड डस्ट, औद्योगिक इकाइयों और वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण में प्रभावी कमी लाई जा सके. उन्होंने दोनों कलक्टर्स को निर्देश दिये के वे कार्य योजना बनाकर समिति को भिजवायें. आर्य ने कहा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा वायु गुणवत्ता प्रबंधन के विषय में जारी दिशा निर्देशों का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यथा अलवर भरतपुर, भिवाड़ी और इनके निकटवर्ती क्षेत्रों में सख्ती से लागू करायें.

इसलिये है जरुरी
- वायु गुणवत्ता प्रबंधन में सुधार के लिए नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है.
- इससे रोड डस्ट, औद्योगिक इकाइयों और वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण में प्रभावी कमी आएगी.


- ऐसे सभी वाहन जो क्षमता से अधिक माल ढो रहे हैं उन पर कार्रवाई होगी तो इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आ सकेगी.
- वायु प्रदूषण में औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ रोड डस्ट वायु प्रदूषण का मूल कारण है.
- NCR क्षेत्र में रोड डस्ट का प्रदूषण कुल 76.7 प्रतिशत होता है जो कि काफी ज्यादा है.
- इससे अलवर भरतपुर, भिवाड़ी एवं इनके निकटवर्ती क्षेत्रों में आमजन को वायु प्रदूषण से निजात मिल सकेगी.

रीको क्षेत्र में सीसी रोड निर्माण के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि भिवाड़ी पूर्ण रूप से रीको के अंतर्गत आता है और वहां वायु प्रदूषण में औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ रोड डस्ट वायु प्रदूषण का मूल कारण है. इस क्षेत्र में रोड-डस्ट का प्रदूषण में कुल 76.7 प्रतिशत भागीदारी है जो कि काफी ज्यादा है. इसके लिए उन्होंने रीको के अधिकारियों को एनसीआर क्षेत्र के रीको क्षेत्र में सीसी रोड का निर्माण कराने के निर्देश दिये.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज