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आपके लिये इसका मतलब: भरतपुर में जहरीली शराब से 8 लोगों की मौत, सिस्टम तो नहीं सोचेगा आप स्वयं सोचिये

आठ लोगों की जान जाने के बाद पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग अब शराब के अवैध कारोबार पर डंडा चलाने के लिये निकला है. शराब की भट्टियों को नष्ट किया जा रहा है.
आठ लोगों की जान जाने के बाद पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग अब शराब के अवैध कारोबार पर डंडा चलाने के लिये निकला है. शराब की भट्टियों को नष्ट किया जा रहा है.

Poisonous liquor case: भरतपुर में जहरीली शराब पीने से आठ लोगों की मौत (Death) ने एक बार फिर सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिये हैं कि आखिर कब तक लोग यूं ही मरते रहेंगे.

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जयपुर. प्रदेश के भरतपुर जिले में जहरीली शराब (Poisonous liquor) पीने से 8 लोगों की मौत हो गई है. दो लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।. हमेशा की तरह लीक पीटने वाला पुलिस-प्रशासन (Police- administration) अब शराब का अवैध काला कारोबार करने वालों की कथित धरपकड़ में जुटा है. इतनी बड़ी घटना क्यों हुई इस पर उसने चुप्पी साध रखी है. हमेशा की तरह रटारटाया जवाब 'जांच की जा रही है' मीडिया से लेकर सबको दिया जा रहा है. वहीं प्रभारी मंत्री ने भी हमेशा की तरह दिखावे की सख्ती दिखाते हुये कह दिया कि 'दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी'.

प्रदेश में जहरीली शराब से मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी इस तरह के केस होते रहे हैं. लोग मरते रहे हैं और पुलिस-प्रशासन हमेशा सांप निकल जाने के बाद लीक पीटता रहता है. इस बार भी वही हो रहा है. जांच की बात, दोषियों को नहीं बख्शे जाने के जुमले. शराब का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ दिखावे की कार्रवाई भी की जा रही है. एक-दो आरोपियों को पकड़ा भी गया है. लेकिन ये तमाम औपचारिकतायें पहले भी होती रही हैं और आज भी हो रही हैं.

अपनी जान से खिलवाड़ नहीं करें
पूरे मामले को देखने के बाद एक बात साफ है कि अगर आम जनता इस तरह के मामलों को रोकने के लिये सरकार का मुंह ताकेगी तो ताकती ही रह जायेगी. इस तरह के जानलेवा हादसे रोकने के लिये आम आदमी को खुद ही सावधान होना होगा. माना कि शौक बड़ी चीज है, लेकिन इसके लिये अपनी जान को को तो सांसत में ना डालें. सस्ते के झांसे में आकर अपनी जान और अपने परिवार के साथ खिलवाड़ ना करें. क्योंकि पैसे के लालच में शराब माफिया कुछ भी कर गुजरने के लिये तैयार बैठे हैं. यह आपको सोचना है कि आप की जान सस्ती या फिर बेशकीमती.




ऐसा इसलिये हो रहा है
प्रदेश में हथकढ़ और मिलावटी शराब बनाने का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है. कारोबार भी बेधड़क और पुलिस-प्रशासन तथा आबकारी विभाग की नाक के नीचे होता है. अमूमन उनको इसकी जानकारी भी रहती है, लेकिन करता कोई भी कुछ नहीं है. क्योंकि सब 'सिस्टम' का हिस्सा बन चुके हैं. सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार की प्रदेश में आये दिन पोल खुलती है. लेकिन हिस्सेदारी सबको भाती है. लिहाजा शराब से लेकर तमाम अवैध कारोबार करने वाले भी मस्त हैं. सिस्टम भी मस्त है. सोचना आपको है कि आपकी जान की कीमत कितनी है.
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