आपके लिए इसका मतलब: कफन में जेब ढूंढने वाले एंबुलेंस चालकों पर गिरेगी गाज, नहीं वसूल पाएंगे मनमाना किराया

कोरोना से जूझ रहे राजस्थान में सरकार ने एम्बुलेंस चालकों की मनमनी वसूली पर लगाम दी है. (सांकेतिक तस्वीर)

कोरोना से जूझ रहे राजस्थान में सरकार ने एम्बुलेंस चालकों की मनमनी वसूली पर लगाम दी है. (सांकेतिक तस्वीर)

Ambulance fare rates fixed: कोरोना काल में लगातार और तेजी से फैल रहे संक्रमण को देखकर पीड़ितों से मनमाना किराया वसूलने वाले एम्बुलेंस चालकों पर अंकुश लगा दिया गया है. अब वे मनमाना किराया नहीं वसूल पाएंगे. पढ़ें ये पूरी रिपोर्ट.

  • Share this:
जयपुर. कोरोना महामारी (Corona epidemic) में 'आपदा को अवसर' में बदलने का प्रयास कर रहे लोगों पर गहलोत सरकार लगातार नकेल कसती जा रही है. इसी के तहत अब एम्बुलेंस और शव लाने ले जाने वाले अन्य वाहन पीड़ितों से मनमाना किराया नहीं वसूल पाएंगे. एम्बुलेंस और शवों को ले जाने वाले वाहनों के लिये सरकार ने किराये की अधिकतम किराया दर निर्धारित कर दी है. निर्धारित दर से अधिक वसूली पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

जयपुर जिला कलक्टर अंतर सिंह नेहरा ने बताया कि इसके तहत पहले दस किलोमीटर के लिए 500 रुपए और अतिरिक्त किमी के लिए वाहन अनुसार दरों का निर्धारण किया गया है. इसमें वाहन का आना-जाना सम्मलित है. पीपीई किट और सैनेटाइजेशन के व्यय के रूप में 350 रुपए अतिरिक्त देने होंगे. एम्बुलेंस में कोविड मरीजों के लिए जरूरी चिकित्सकीय उपकरण एवं सुविधाओं का होना जरूरी है.

वाहनों के अनुसार ये रहेंगी दरें

आगे पढ़ें
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज